Bihar: सड़क पर बोरा बेचते नजर आए सरकारी शिक्षक, नीतीश सरकार पर बरसी RJD- जानें क्या है पूरा मामला
बिहार (Bihar) में सरकारी स्कूल के शिक्षक का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में एक शिक्षक बोरा बेचते नजर आ रहे हैं. यह वीडियो लोगों को हैरान कर रहा है. सभी सोच रहे हैं कि सरकारी स्कूल का शिक्षक बोरा क्यों बेच रहा है.
पटना: बिहार (Bihar) में सरकारी स्कूल के शिक्षक का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में एक शिक्षक बोरा बेचते नजर आ रहे हैं. यह वीडियो लोगों को हैरान कर रहा है. सभी सोच रहे हैं कि सरकारी स्कूल का शिक्षक बोरा क्यों बेच रहा है. एक अन्य वीडियो में शिक्षक सिर पर बोरा रखकर बेचते नजर आ रहे हैं और लोगों से कह रहे हैं कि बोरा ले लेलो... बोरा नहीं बिकेगा तो मेरा वेतन रूक जाएगा. शिक्षक ने अपने गले पर तख्ती भी टांगी है जिसपर लिखा है, 'मैं बिहार के सरकारी स्कूल का शिक्षक हूं, सरकार के आदेश पर खाली बोरा बेच रहा हूं.' Bihar: बिहार के समस्तीपुर में पूर्व ग्राम प्रधान की गोली मारकर हत्या.
दरअसल, बिहार सरकार के मध्यान्ह भोजन योजना के निदेशक के आदेश पर विद्यालयों में खाली बोरों की बिक्री के लिए कहा गया है. इससे मिलने वाले पैसे को मध्याह्न भोजन के खाते में जमा करने के लिए कहा गया है. सरकार के इसी आदेश के खिलाफ शिक्षक मोहम्मद तमीजुद्दीन ने अनूठे तरह से विरोध प्रदर्शन किया.
यहां देखें वीडियो
बिहार के नियोजित शिक्षक मिडडे मील के अनाज का बोरा बेचते हुए!
दरअसल शिक्षकों को 2014-2016 वित्तीय वर्ष का मिडडे मील अनाज का बोरा ₹10 प्रति बेचने का विभागीय आदेश मिला है!
रही बात चूहों की तो "सुशासन" पीड़ित बिहारवासी अरबों का बांध, शराब निगल जानेवाले चूहों की महिमा खूब जानते हैं! pic.twitter.com/Vkr0EIuFxW
— Rashtriya Janata Dal (@RJDforIndia) August 8, 2021
— Bablu Yadav (@itsyadavbablu) August 8, 2021
इसी आदेश के खिलाफ अपने विचार को प्रकट करने के लिए मुहम्मद तमीजुद्दीन नाम के शिक्षक ने यह तरीका अपनाया. शिक्षक ने विभागीय आदेश के अनुसार वर्ष- 2014-15 और वर्ष 2015-16 में विद्यालयों को उप्लब्ध कराई गई चावल की खाली बोरों को 10 रुपया प्रति बोरा की दर से बिक्री कर राशि जमा करने का आदेश निर्गत किया गया है.
RJD ने पूरे मुद्दे पर नीतीश सरकार को घेरा. RJD ने ट्वीट किया,"बिहार के नियोजित शिक्षक मिडडे मील के अनाज का बोरा बेचते हुए! दरअसल शिक्षकों को 2014-2016 वित्तीय वर्ष का मिडडे मील अनाज का बोरा ₹10 प्रति बेचने का विभागीय आदेश मिला है! रही बात चूहों की तो "सुशासन" पीड़ित बिहारवासी अरबों का बांध, शराब निगल जानेवाले चूहों की महिमा खूब जानते हैं!"
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 09, 2021 02:05 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

