बांका, 26 दिसंबर : बिहार में जहां शराबबंदी लागू है, वहीं अगर किसी सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापक और शिक्षक ही स्कूल परिसर को मयखाना बनाकर जाम छलका रहे हों तो शराबबंदी कानून पर सवाल उठना लाजमी है. बिहार में सभी सरकारी अधिकारी और कर्मचारी पहले ही शराब नहीं सेवन करने की सार्वजनिक तौर पर शपथ ले चुके हैं.
दरअसल, यह पूरा मामला बांका जिले के रजौन थाना क्षेत्र के राजकीय बुनियादी मध्य विद्यालय, चिलकावर का है. यहां शिक्षा के पवित्र मंदिर माने जाने वाले स्थल को ही मयखाना बना दिया गया. बताया जाता है कि सोमवार को स्कूल परिसर में ही प्रधानाध्यापक और शिक्षक तीन अन्य लोगों के साथ बैठकर शराब पी रहे थे. चखने के लिए मुर्गे का भी इंतजाम था. इसकी सूचना किसी ने उत्पाद विभाग की टीम को दे दी. इसके बाद मौके पर पहुंची टीम ने प्रधानाध्यापक और शिक्षक समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया. यह भी पढ़ें : Veer Bal Diwas 2023: अमित शाह व जे.पी.नड्डा ने दी गुरु गोबिंद सिंह के पुत्रों को श्रद्धांजलि
बांका के उत्पाद अधीक्षक अरुण मिश्रा ने बताया कि घटनास्थल से देशी महुआ की शराब भी बरामद की गई है. उन्होंने बताया कि सूचना प्राप्त होते ही एक टीम को स्कूल भेजा गया जहां से राजकीय बुनियादी मध्य विद्यालय, चिलकावर के प्रभारी प्रधानाध्यापक अमरेश कुमार, जगन्नाथपुर प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक बजरंगी दास, धनंजय कुमार, पलंबर मिस्त्री प्रदीप कुमार और कुमार गौरव को गिरफ्तार किया गया है.












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