बिहार: सामान्य ज्ञान की परीक्षा में गलत प्रश्न पूछे जाने पर BPSC ने जताया खेद, सरकार कराएगी जांच
बिहार में बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की मुख्य परीक्षा के सामान्य अध्ययन की परीक्षा में एक प्रश्न को गलत तरीके से पूछे जाने पर बीपीएससी ने खेद जताया है. साथ ही बीपीएससी ने प्रश्न पत्र बनाने वाले शिक्षक को काली सूची में डाल दिया है.
पटना: बिहार (Bihar) में बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) (BPSC) की मुख्य परीक्षा के सामान्य अध्ययन की परीक्षा में एक प्रश्न को गलत तरीके से पूछे जाने पर बीपीएससी ने खेद जताया है. साथ ही बीपीएससी ने प्रश्न पत्र बनाने वाले शिक्षक को काली सूची (Black List) में डाल दिया है. इस बीच, राज्य के शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा ने पूरे मामले की जांच कराने की बात कही है. बीपीएससी ने मंगलवार को एक प्रेस नोट जारी कर कहा है कि 64वीं मुख्य परीक्षा के सामान्य अध्ययन द्वितीय पत्र में संवैधानिक पद के गलत तरीके से प्रश्न सेट करने वाले शिक्षक को काली सूची में डाल दिया गया है. आयोग ने अपनी इस गलती पर खेद भी जताया है.
उल्लेखनीय है कि बीपीएससी की मुख्य परीक्षा के सामान्य अध्ययन द्वितीय पत्र की रविवार को हुई परीक्षा में खंड-1 के प्रश्न संख्या-2 इस प्रकार था : भारत में राज्य की राजनीति में राज्यपाल की भूमिका का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए, विशेष रूप से बिहार के संदर्भ में, क्या वह केवल एक कठपुतली हैं? यह भी पढ़ें: बिहार लोक सेवा आयोग ने सामान्य ज्ञान की परीक्षा में पूछा- क्या राज्यपाल केवल एक कठपुतली है ?
इस प्रश्न को लेकर उठे विवाद के बाद राज्य के शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा ने कहा कि यह गंभीर मामला है. उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाए जाएंगे उस पर उचित कार्रवाई की जाएगी. बीपीएससी की 64वीं मुख्य परीक्षा 12 जुलाई से शुरू हुई जो 16 जलाई तक चली.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 16, 2019 09:23 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

