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Ayodhya Shocker: यूपी के अयोध्या में 'फोन पर निर्देश' देकर कराई डिलीवरी, मां और नवजात की मौत के बाद अस्पताल सील

अयोध्या के एक निजी अस्पताल में कथित तौर पर अप्रशिक्षित कर्मचारियों द्वारा डिलीवरी किए जाने के कारण मां और नवजात की मौत हो गई. स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को सील कर जांच शुरू कर दी है.

Ayodhya Shocker: यूपी के अयोध्या में 'फोन पर निर्देश' देकर कराई डिलीवरी, मां और नवजात की मौत के बाद अस्पताल सील
(Photo Credits Pixabay)

Ayodhya Shocker: उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले से चिकित्सा लापरवाही का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक निजी अस्पताल में 'अप्रशिक्षित स्टाफ' द्वारा डिलीवरी कराए जाने के दौरान 32 वर्षीय महिला और उसके नवजात शिशु की मौत हो गई. परिजनों का आरोप है कि प्रसव के समय अस्पताल में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था और पूरी प्रक्रिया फोन पर दिए गए निर्देशों के आधार पर की गई. घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील कर दिया है.

क्या है पूरा मामला?

बेनीगंज के निवासी सुरेश यादव ने अपनी पत्नी सोनी यादव को प्रसव पीड़ा होने पर 'मां परमेश्वरी देवी मेमोरियल अस्पताल' में भर्ती कराया था. परिजनों के अनुसार, अस्पताल की डॉक्टर अंजलि श्रीवास्तव ने शुरुआत में स्थिति को सामान्य बताया था.  यह भी पढ़े: UP Shocker: कासगंज में महिला की गला घोंटकर हत्या, सास से अवैध संबंधों का राज़ खुलने पर पति ने रची साजिश

मंगलवार देर रात जब सोनी को लेबर रूम ले जाया गया, तो वहां कोई योग्य डॉक्टर मौजूद नहीं था. आरोप है कि अस्पताल के एक कर्मचारी ने डॉक्टर से मोबाइल फोन पर निर्देश लेते हुए प्रसव कराया. कुछ ही देर बाद स्टाफ ने बच्चे को परिजनों को सौंपते हुए कहा कि वह सांस नहीं ले पा रहा है.

एक के बाद एक दो मौतें

नवजात को तुरंत पास के दूसरे डॉक्टर के पास ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया. जब परिजन वापस अस्पताल लौटे, तो उन्हें बताया गया कि सोनी की हालत भी बिगड़ गई है. उसे आनन-फानन में दूसरे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे भी मृत घोषित कर दिया. सुरेश यादव ने बताया कि उनकी शादी पिछले साल ही हुई थी और यह उनका पहला बच्चा था.

चौंकाने वाले खुलासे

शिकायत मिलने पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (ACMO) डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया. जांच के दौरान वहां कई गंभीर कमियां पाई गईं:

  • डॉक्टरों की अनुपस्थिति: निरीक्षण के समय अस्पताल में कोई डॉक्टर या प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ मौजूद नहीं था.

  • प्रबंधन में लापरवाही: अस्पताल का कामकाज महेश सिंह नामक व्यक्ति देख रहा था, जो खुद को मैनेजर बता रहा था.

  • मरीजों की सुरक्षा से खिलवाड़: तीन अन्य महिलाएं जिनका सिजेरियन ऑपरेशन (C-section) हुआ था, उन्हें भी बिना किसी नर्स या डॉक्टर के मैनेजर के भरोसे छोड़ दिया गया था.

  • अधूरे दस्तावेज: अस्पताल के पास न तो पर्याप्त रिकॉर्ड थे और न ही डॉक्टर की योग्यता से जुड़े दस्तावेज पेश किए जा सके.

प्रशासन की कार्रवाई

एसीएमओ डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव ने बताया कि अस्पताल को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है और वहां भर्ती अन्य मरीजों को जिला महिला अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया है.

मुख्य आरोपी डॉक्टर अंजलि श्रीवास्तव फिलहाल फरार बताई जा रही हैं. स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 03, 2026 03:39 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).