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Abhishek Banerjee Defamation Case: अमित शाह पर टिप्पणी का मामला, कलकत्ता HC से अभिषेक बनर्जी को बड़ी राहत, 31 जुलाई तक कार्रवाई पर रोक

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी को बड़ी राहत दी है. अदालत ने 31 जुलाई तक उनके खिलाफ किसी भी दंडात्मक कार्रवाई और गिरफ्तारी पर रोक लगा दी हैता अभिषेक बनर्जी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर की गई टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में 31 जुलाई तक गिरफ्तारी से बड़ी राहत दी है।

Abhishek Banerjee Defamation Case: अमित शाह पर टिप्पणी का मामला, कलकत्ता  HC से अभिषेक बनर्जी को बड़ी राहत, 31 जुलाई तक कार्रवाई पर रोक
अभिषेक बनर्जी (Photo Credits: File Image)

Ahishek Banerjee Defamation Case: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर की गई कथित टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए ३१ जुलाई तक बनर्जी के खिलाफ किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है. इस आदेश के बाद तय समयसीमा तक जांच एजेंसी या पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकेगी.

क्या है पूरा मामला और इसकी पृष्ठभूमि?

यह कानूनी विवाद साल 2018 का है, जब पश्चिम बंगाल में एक जनसभा को संबोधित करते हुए अभिषेक बनर्जी ने अमित शाह के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी की थी. इस बयान के बाद अमित शाह की ओर से बनर्जी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर किया गया था. यह भी पढ़े: Rahul Gandhi Defamation Case: राहुल गांधी को कर्नाटक HC से बड़ी राहत, ‘करप्शन रेट कार्ड’ मानहानि मामले में याचिका रद्द

इस मामले में निचली अदालत ने टीएमसी नेता को समन जारी कर पेश होने का आदेश दिया था. निचली अदालत के इसी फैसले को चुनौती देते हुए अभिषेक बनर्जी ने कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया था.

अदालत का रुख और आगामी कानूनी प्रक्रिया

कलकत्ता हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अभिषेक बनर्जी को राहत प्रदान की. बनर्जी के वकीलों का तर्क था कि यह पूरा मामला राजनीति से प्रेरित है और उन्हें केवल परेशान करने के उद्देश्य से फंसाया जा रहा है.

अदालत ने फिलहाल ३१ जुलाई तक कार्रवाई रोकने का निर्देश दिया है और मामले की अगली सुनवाई के लिए आगे की तारीख तय की है. हालांकि यह राहत अंतरिम है, लेकिन इससे बनर्जी को तात्कालिक तौर पर बड़ी कानूनी संजीवनी मिल गई है.

राजनीतिक गलियारों में इस फैसले के मायने

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी टीएमसी में दूसरे सबसे प्रभावशाली नेता माने जाते हैं. राज्य की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने के कारण उनके खिलाफ चल रहे कानूनी मामले अक्सर राजनीतिक विवादों के केंद्र में रहते हैं.

इस फैसले से तृणमूल कांग्रेस को राजनीतिक मोर्चे पर बढ़त बनाने का मौका मिला है. दूसरी ओर, विपक्षी दल भाजपा की तरफ से इस अदालती आदेश पर फिलहाल कोई आधिकारिक या तीखी प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. अदालत अब ३१ जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई में तय करेगी कि इस राहत को आगे बढ़ाया जाए या नहीं.

(The above story first appeared on LatestLY on May 21, 2026 02:50 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).