'सरकार के पास कोई जवाब नहीं', अखिलेश यादव ने छात्र प्रदर्शन और राम मंदिर दान विवाद पर संसद में बहस की मांग की
बुधवार को FCRA संशोधन विधेयक 2026 को विस्तृत जांच के लिए 31 सदस्यीय संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेज दिया गया. इस समिति में 21 लोकसभा और 10 राज्यसभा सदस्य शामिल होंगे. समिति को शीतकालीन सत्र 2026 के पहले सप्ताह के अंतिम दिन तक अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी.
नई दिल्ली, 12 अगस्त: समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने बुधवार को छात्र आंदोलन और कथित राम मंदिर दान घोटाले के मुद्दे पर संसद में चर्चा कराने की मांग की. उन्होंने दावा किया कि लखनऊ से आई विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट में ऐसे लोगों के नाम हैं, जिनका संबंध सरकार या भारतीय जनता पार्टी (BJP) से है. NEET Paper Leak Row: 'एक प्रधान हटाकर प्रधानमंत्री को बचाया'; लोकसभा में अखिलेश यादव का केंद्र सरकार पर तंज
छात्र आंदोलन और राम मंदिर दान विवाद पर बहस की मांग
संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने कहा, "समाजवादी पार्टी का रुख था कि दोनों मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए. शिक्षा और परीक्षा के मुद्दे पर सवाल किससे पूछे गए? धार्मिक संस्थानों से जुड़े सवाल किसके खिलाफ उठे? इसलिए हम चाहते हैं कि दोनों मुद्दों पर बहस हो. सरकार के पास कोई जवाब नहीं है. लखनऊ से आई SIT रिपोर्ट में कई ऐसे नाम हैं, जिनका संबंध सरकार या बीजेपी से है."
संसद में जारी है गतिरोध
विपक्ष द्वारा छात्र प्रदर्शन को लेकर लगातार हंगामे के बीच बुधवार को लोकसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई. अब सदन की कार्यवाही 13 अगस्त सुबह 11 बजे फिर से शुरू होगी. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार छात्र आंदोलन पर तुरंत चर्चा के लिए तैयार है और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन में सभी सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हैं. वहीं, सदन की अध्यक्षता कर रहे बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने विपक्षी सदस्यों से चर्चा चलने देने की अपील की.
छात्र प्रदर्शन पर विपक्ष के सवाल
विपक्ष ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन, लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल को लेकर सरकार से जवाब मांगा है.
FCRA संशोधन विधेयक पर भी सरकार को घेरा
अखिलेश यादव ने Foreign Contribution (Regulation) Amendment Bill, 2026 को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि यह विधेयक मुख्य रूप से अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने के लिए लाया गया है. उन्होंने कहा, "FCRA आखिर है क्या? यह सिर्फ अल्पसंख्यकों को निशाना बनाता है. जो भी महत्वपूर्ण विधेयक लाए जा रहे हैं, वे अल्पसंख्यकों के खिलाफ हैं. अगर FCRA पर नियम बनाए जा सकते हैं तो दूसरे फंड्स के लिए भी नियम क्यों नहीं बनाए जाते?"
JPC के पास भेजा गया FCRA संशोधन विधेयक
बुधवार को FCRA संशोधन विधेयक 2026 को विस्तृत जांच के लिए 31 सदस्यीय संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेज दिया गया. इस समिति में 21 लोकसभा और 10 राज्यसभा सदस्य शामिल होंगे. समिति को शीतकालीन सत्र 2026 के पहले सप्ताह के अंतिम दिन तक अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी.
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने इस विधेयक का विरोध करते हुए इसे वापस लेने की मांग की और आरोप लगाया कि यह गैर-सरकारी संगठनों (NGO) और अल्पसंख्यक संस्थानों को निशाना बनाता है. हालांकि, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि विपक्ष को सरकार के इस फैसले का स्वागत करना चाहिए कि विधेयक को JPC के पास भेजा गया है. उन्होंने यह भी कहा कि प्रस्तावित कानून में ऐसा कुछ भी नहीं है, जिससे किसी अल्पसंख्यक संस्था को निशाना बनाया जा रहा हो.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 12, 2026 07:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

