Ashok Kharat Case: 150 से अधिक महिलाओं के शोषण का खुलासा, कांग्रेस ने लगाए 'वाइफ-स्वैपिंग' और राजनीतिक साठगांठ के गंभीर आरोप

स्वयंभू ज्योतिषी अशोक खरात के खिलाफ एसआईटी की जांच में 150 से अधिक महिलाओं के यौन शोषण का सनसनीखेज खुलासा हुआ है, जिसमें सम्मोहन और नशीले पदार्थों के इस्तेमाल के साथ-साथ गंभीर राजनीतिक आरोप भी शामिल हैं.

स्वयंभू बाबा अशोक खरात महिलाओं का शोषण करने के आरोप में गिरफ्तार (Photo Credits: X/@ss_suryawanshi)

मुंबई: महाराष्ट्र (Maharashtra) के चर्चित स्वयंभू ज्योतिषी और खुद को 'गॉडमैन' (Godman) बताने वाले अशोक खरात (Ashok Kharat) के खिलाफ विशेष जांच दल (Special Investigation Team) (SIT) की कार्रवाई में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. जांचकर्ताओं का अनुमान है कि खरात ने आध्यात्मिक और करियर मार्गदर्शन के बहाने 150 से अधिक महिलाओं का यौन शोषण (Sexual Exploitation) किया है. सोमवार, 30 मार्च को नासिक (Nasik) स्थित खरात के कार्यालय पर की गई छापेमारी में डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए हैं, जो इस व्यवस्थित शोषण नेटवर्क की पुष्टि करते हैं. यह भी पढ़ें: Ashok Kharat 1000 Videos: खरात के दफ्तर से मिली पेन-ड्राइव में 1,000 वीडियो, अब तक केवल 150 ही आए सामने- वडेट्टीवार

जांच में डिजिटल साक्ष्यों की बरामदगी

एसआईटी ने खरात के परिसर से दो लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए हैं. इन उपकरणों से प्राप्त डेटा से पता चलता है कि आरोपी व्यक्तिगत, वित्तीय और पेशेवर समस्याओं को हल करने का झांसा देकर महिलाओं को निशाना बनाता था. पुलिस ने फिलहाल खरात के कार्यालय और अन्य संपत्तियों को सील कर दिया है, साथ ही उसके बैंक खातों को भी फ्रीज कर दिया गया है. अधिकारी अब उसके वित्तीय लेनदेन और धन के प्रवाह की जांच कर रहे हैं.

कार्यप्रणाली: सम्मोहन और नशीले पदार्थों का खेल

जांच में खरात की कार्यप्रणाली (Modus Operandi) का भी खुलासा हुआ है. पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी परामर्श के दौरान महिलाओं को दी जाने वाली ड्रिंक्स या मिठाइयों में नशीला पदार्थ मिला देता था. कुछ मामलों में पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि यौन शोषण से पहले उन्हें सम्मोहित (Hypnosis) किया गया था. वह अपनी गतिविधियों को गुप्त रखने के लिए कई मोबाइल उपकरणों का उपयोग करता था और हाई-प्रोफाइल व्यक्तियों के संपर्क में रहता था.

'वाइफ-स्वैपिंग' और राजनीतिक विवाद

इस मामले ने महाराष्ट्र में एक बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है. विपक्ष ने आरोप लगाया है कि पूर्व मंत्री दीपक केसरकर ने अपनी स्थिति का उपयोग अशोक खरात के भाई, दिलीप को फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से शैक्षणिक संस्थानों के लिए सरकारी मंजूरी दिलाने में मदद करने के लिए किया था.

महाराष्ट्र कांग्रेस विधायी दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकारी अधिकारियों सहित कई हाई-प्रोफाइल भक्त खरात के केबिन के बाहर इंतजार करते थे, जबकि अंदर उनकी पत्नियों का शोषण होता था. एक अन्य कांग्रेस नेता ने दावा किया कि इस नेटवर्क में प्रभावशाली व्यापारियों और राजनेताओं के बीच 'वाइफ-स्वैपिंग' (पत्नी-अदला-बदली) जैसा घिनौना सेक्स रैकेट भी शामिल था. यह भी पढ़ें: Ashok Kharat Video Download Link Scam: अशोक खरात वीडियो डाउनलोड लिंक स्कैम से रहें सावधान, डीपफेक के जरिए डेटा चोरी कर रहे हैं जालसाज

राजनीतिक प्रतिक्रिया और वर्तमान स्थिति

आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए दीपक केसरकर ने खरात के साथ किसी भी विशेष संबंध से इनकार किया है. उन्होंने कहा कि विभिन्न दलों के लगभग 30 से 35 विधायक खरात के संपर्क में थे और उन्हें मीडिया व राजनीतिक विरोधियों द्वारा बेवजह निशाना बनाया जा रहा है. कांग्रेस नेतृत्व ने इस मामले की पारदर्शी जांच की मांग की है ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके.

कानूनी स्थिति: अशोक खरात फिलहाल पुलिस हिरासत में है. अदालत में नवीनतम पेशी के बाद, उसकी रिमांड 1 अप्रैल, 2026 तक बढ़ा दी गई है. एसआईटी वर्तमान में बरामद किए गए विशाल डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही है.

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