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Apple's 'State-Sponsored' Attack: विपक्षी नेताओं के फोन हैंकिंग पर Apple का बयान- हम राज्य प्रायोजित खतरे की सूचना नहीं देते

तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा, शिवसेना सांसद प्रियंका चतुवेर्दी, कांग्रेस के शशि थरूर और पवन खेड़ा, अखिलेश यादव,समेत कई विपक्षी नेताओं ने मंगलवार को आरोप लगाया कि केंद्र उनके मोबाइल फोन को निशाना बना रहा है.

Apple's 'State-Sponsored' Attack: विपक्षी नेताओं के फोन हैंकिंग पर Apple का बयान- हम राज्य प्रायोजित खतरे की सूचना नहीं देते
Photo Credits: Pixabay

तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा, शिवसेना सांसद प्रियंका चतुवेर्दी, कांग्रेस के शशि थरूर और पवन खेड़ा, अखिलेश यादव,समेत कई विपक्षी नेताओं ने मंगलवार को आरोप लगाया कि केंद्र उनके मोबाइल फोन को निशाना बना रहा है. पूरे मामले में अब Apple ने जवाब दिया है. Apple ने बयान जारी कर कहा है कि हम इस तरह की सूचना नहीं देते हैं. हम राज्य प्रायोजित खतरे का अलर्ट नहीं देते हैं. कंपनी ने अपने बयान में साफ किया है कि कई बार इस तरह के खतरों की जानकारी गलत भी हो सकती है. Apple ने विपक्षी नेताओं को भेजा अलर्ट, हैकिंग को लेकर निशाने पर केंद्र सरकार.

कंपनी का कहना है कि Apple राज्य प्रायोजित अटैकर्स (State Sponsored Attackers) के अटैक जैसे नोटिफिकेशन जारी नहीं करता है. Apple का कहना है कि कई बार कंपनी की ओर से इस तरह के नोटिफिकेशन गलत अलार्म भी हो सकते है. हम इस बारे में जानकारी भी नहीं दे सकते हैं कि ऐसा अलर्ट क्यों भेजा गया क्योंकि ऐसा करना राज्य प्रायोजित अटैकर्स की भविष्य में मदद कर सकता है.

Apple का बयान

इससे पहले एक्स पर पोस्ट में, मोइत्रा ने कहा, "एप्पल से मुझे संदेश और ईमेल प्राप्त हुआ, इसमें मुझे चेतावनी दी गई है कि सरकार मेरे फोन और ईमेल को हैक करने की कोशिश कर रही है." उन्होंने शिवसेना सांसद प्रियंका चतुवेर्दी को भी टैग किया और कहा, 'प्रियंका चतुवेर्दी, आपको, मुझे और तीन अन्य भारतीयों को अब तक यह मिल चुका है.'

ईमेल का शीर्षक "अलर्ट: राज्य-प्रायोजित हमलावर आपके आईफोन को निशाना बना सकते हैं. आप कौन हैं या आप क्या करते हैं, इसके आधार पर ये हमलावर संभवतः आपको व्यक्तिगत रूप से निशाना बना रहे हैं. यदि आपके उपकरण के साथ किसी राज्य-प्रायोजित हमलावर ने छेड़छाड़ की है, तो वे आपके संवेदनशील डेटा, संचार, या यहां तक कि कैमरा और माइक्रोफ़ोन तक दूरस्थ रूप से पहुंचने में सक्षम हो सकते हैं. चेतावनी मेल में लिखा है, "हालांकि यह संभव है कि यह एक गलत अलार्म है, कृपया इस चेतावनी को गंभीरता से लें."

इस मुद्दे पर राहुल गांधी ने भी केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा. "बहुत कम लोग इसके खिलाफ लड़ रहे हैं, लेकिन हम डरे हुए नहीं हैं. आप जितनी चाहें उतनी (फोन) टैपिंग कर सकते हैं. मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता. अगर तुम मेरा फोन लेना चाहते हो तो मैं तुम्हें दे दूंगा." राहुल गांधी ने कहा, 'PM नरेंद्र मोदी की आत्मा अडानी में है...असलियत यह है कि राजा, राजा ही नहीं है, पावर किसी और के हाथ में है. जैसे ही हम अडानी पर जाते हैं वैसे ही इंटेलिजेंस एजेंसी, जासूसी, CBI आते हैं... अभी नंबर-1 अडानी, नंबर-2 प्रधानमंत्री और नंबर-3 पर अमित शाह हैं."

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 31, 2023 02:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).