जम्मू-कश्मीर में अलग झंडा, Article 370, पाकिस्तान से व्यापार; अमित शाह ने राहुल गांधी से पूछे 10 तीखे सवाल
जम्मू कश्मीर में होने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस (एनसी) के गठबंधन पर निशाना साधते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पार्टी और उसके नेता राहुल गांधी से 10 सवाल पूछे हैं.
नई दिल्ली: जम्मू कश्मीर में होने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस (एनसी) के गठबंधन पर निशाना साधते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पार्टी और उसके नेता राहुल गांधी से 10 सवाल पूछे हैं. अमित शाह ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे सत्ता की लालसा के लिए देश की एकता और सुरक्षा को खतरे में डाल रहे हैं. अमित शाह ने कांग्रेस पर बड़ा आरोप लगाते हुए एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि सत्ता के लालच में बार-बार देश की एकता और सुरक्षा के साथ खेलने वाली कांग्रेस पार्टी ने जम्मू-कश्मीर चुनाव में अब्दुल्ला परिवार की ‘नेशनल कांफ्रेंस’ के साथ गठबंधन करके फिर से अपने मंसूबों को देश के सामने रखा है.
अमित शाह ने एनसी के घोषणा पत्र को लेकर राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी से 10 सवाल पूछे हैं. उन्होंने पूछा है कि क्या कांग्रेस ‘नेशनल कांफ्रेंस’ के जम्मू-कश्मीर में फिर से ‘अलग झंडे’ के वादे का समर्थन करती है?
अमित शाह के 10 सवाल
अमित शाह ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के चुनावी घोषणापत्र का हवाला देते हुए राहुल गांधी और कांग्रेस से 10 सवाल पूछे हैं.
- क्या कांग्रेस जम्मू-कश्मीर के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस के अलग झंडे की मांग का समर्थन करती है?
- क्या राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी अनुच्छेद 370 और 35A की बहाली का समर्थन करते हैं, जिससे जम्मू-कश्मीर फिर से अशांति और आतंकवाद के दौर में लौट सकता है?
- क्या कांग्रेस फिर से अलगाववाद को बढ़ावा देने के लिए कश्मीर के युवाओं की बजाय पाकिस्तान के साथ बातचीत का समर्थन करती है?
- क्या कांग्रेस पाकिस्तान के साथ 'LoC व्यापार' शुरू करने का समर्थन करती है, जिससे आतंकवाद और इसकी व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा?
- क्या कांग्रेस आतंकवाद और पत्थरबाजी में शामिल लोगों के रिश्तेदारों को सरकारी नौकरियों में पुनः स्थापित करने का समर्थन करती है, जिससे आतंकवाद, उग्रवाद और हड़तालों का दौर लौट सकता है?
- गठबंधन ने कांग्रेस की आरक्षण विरोधी नीति को उजागर किया है. क्या कांग्रेस दलितों, गुज्जरों, बकरवालों और पहाड़ी समुदायों के लिए आरक्षण को खत्म करने के JKNC के वादे का समर्थन करती है?
- क्या कांग्रेस 'शंकराचार्य हिल' का नाम 'तख्त-ए-सुलेमान' और 'हरी हिल' का नाम 'कोह-ए-मरान' करने का समर्थन करती है?
- क्या कांग्रेस जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था को भ्रष्टाचार में धकेलने और इसे पाकिस्तान समर्थित परिवारों को सौंपने की राजनीति का समर्थन करती है?
- क्या कांग्रेस पार्टी जम्मू और कश्मीर घाटी के बीच भेदभाव की JKNC की राजनीति का समर्थन करती है?
- क्या कांग्रेस और राहुल गांधी कश्मीर को स्वायत्तता देने की JKNC की विभाजनकारी राजनीति का समर्थन करते हैं?
सत्ता के लालच में बार-बार देश की एकता और सुरक्षा के साथ खेलने वाली कांग्रेस पार्टी ने जम्मू-कश्मीर चुनाव में अब्दुल्ला परिवार की ‘नेशनल कांफ्रेंस’ के साथ गठबंधन करके फिर से अपने मंसूबों को देश के सामने रखा है।
नेशनल कांफ्रेंस के घोषणा पत्र के वादों पर कांग्रेस पार्टी और राहुल… pic.twitter.com/TsZidUzHLT— Amit Shah (@AmitShah) August 23, 2024
अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर को लेकर मोदी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को सामने रखते हुए अलग पोस्ट में कहा, “मोदी सरकार ने ‘आर्टिकल 370 और 35A’ हटाने के बाद वर्षों से दलितों, आदिवासियों, पहाड़ियों और पिछड़ों के साथ हो रहे भेदभाव को खत्म करके उन्हें आरक्षण देने का काम किया. क्या राहुल गांधी जम्मू कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के घोषणापत्र में उल्लेखित दलितों, गुज्जर, बकरवाल और पहाड़ियों के आरक्षण को समाप्त करने वाले आरक्षण विरोधी प्रस्ताव का समर्थन करते हैं? नेशनल कांफ्रेंस के साथ गठबंधन करने के बाद कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी को देश के सामने अपनी आरक्षण नीति को स्पष्ट करना चाहिए.”
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 23, 2024 08:49 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

