एयरसेल मैक्सिस डील: ED ने पी चिदंबरम के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट, अन्य 8 के भी नाम शामिल
पटियाला हाउस कोर्ट में दाखिल की गई इस चार्जशीट में पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम को पहला आरोपी बनाया गया है. इस मामले में कुल मिलाकर नौ आरोपी हैं. खास बात यह है कि लिस्ट में चिदंबरम का नाम सबसे ऊपर है. चार्जशीट में चिदंबरम पर आरोप है कि इन्होंने गैरकानूनी FIPB को स्वीकृति दी.
नई दिल्ली: एयरसेल-मैक्सिस केस में यूपीए सरकार में वित्त मंत्री रहे पी. चिदंबरम पर ईडी ने शिकंजा कसा है. मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने सप्लीमेंट्री चार्जशीट पेश की है. पटियाला हाउस कोर्ट में दाखिल की गई इस चार्जशीट में पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम को पहला आरोपी बनाया गया है. इस मामले में कुल मिलाकर नौ आरोपी हैं. खास बात यह है कि लिस्ट में चिदंबरम का नाम सबसे ऊपर है. चार्जशीट में चिदंबरम पर आरोप है कि इन्होंने गैरकानूनी FIPB को स्वीकृति दी.
चिदंबरम के अलावा जिन नौ लोगों के नाम इस चार्जशीट में शामिल हैं उनमें एस भास्कररमन, एस श्रीनिवासन, मैक्सिस की 4 कंपनी और एयरसेल टेलीवेंचर्स को आरोपी बनाया है. इस मामले में कोर्ट 26 नवंबर को अगली सुनवाई करेगा.
Aircel-Maxis case: ED files supplementary chargesheet in Delhi's Patiala House Court against P Chidambaram for the offence of money laundering of Rs.1.16 crore in lieu of illegal FIPB approval by P Chidambaram in Mar 2006 given to Global Comm & Services Holdings Ltd, Mauritius pic.twitter.com/m1t7OJJFIH
— ANI (@ANI) October 25, 2018
चिदंबरम पर एफडीआई के लिए नियमों की अनदेखी कर एयरसेल-मैक्सिस कंपनी को लाभ पहुंचाने का आरोप है. बता दें कि 5 जून 2018 को पी चिंदबरम ईडी के समक्ष पूछताछ के लिए प्रस्तुत हुए थे.
गौरतलब है कि इससे पहले आज सुबह चिदंबरम को INX मीडिया केस में दिल्ली हाई कोर्ट से थोड़ी राहत मिली थी. कोर्ट ने इस मामले में चिदंबरम की अंतरिम प्रोटेक्शन बढ़ाकर 29 नवंबर तक कर दिया था. इंडो-जापान समिट 2018: मोदी पहले ऐसे अंतरराष्ट्रीय नेता जिन्हें शिंजो आबे ने अपने विला में दिया डिनर का न्योता
क्या है एयरसेल मैक्सिस केस?
एयरसेल मैक्सिस केस फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (एफआईपीबी) से जुड़ा है. 2006 में एयरसेल-मैक्सिस डील को पी चिदंबरम ने बतौर वित्त मंत्री ने मंजूरी दी थी. पी चिदंबरम पर आरोप है कि उनके पास 600 करोड़ रुपए तक के प्रोजेक्ट प्रपोजल्स को ही मंजूरी देने का अधिकार था. इससे बड़े प्रोजेक्ट को मंजूरी देने के लिए उन्हें आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति से मंजूरी लेनी जरूरी थी.
एयरसेल-मैक्सिस डील केस 3500 करोड़ की एफडीआई की मंजूरी का था. बावजूद इसके एयरसेल-मैक्सिस एफडीआई मामले में चिदंबरम ने कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स की मंजूरी के बिना मंजूरी दी गई.
सुब्रमण्यम स्वामी ने किया था मामले का खुलासा
साल 2015 में सुब्रमण्यम स्वामी ने कार्ति चिदंबरम की विभिन्न कंपनियों के बीच वित्तीय लेनदेन का खुलासा किया था. स्वामी ने आरोप लगाया कि यूपीए सरकार में वित्त मंत्री रहते हुए पी. चिदंबरम ने अपने बेटे कार्ति की एयरसेल-मैक्सिस डील से लाभ उठाने में मदद की. ईडी तत्कालीन वित्तमंत्री पी चिदंबरम द्वारा दी गयी एफआईपीबी मंजूरी की स्थितियों की जांच कर रही है.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 25, 2018 04:16 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

