इंडो-जापान समिट 2018: मोदी पहले ऐसे अंतरराष्ट्रीय नेता जिन्हें शिंजो आबे ने अपने विला में दिया डिनर का न्योता
पीएम मोदी 2018 इंडो-जापान समिट में हिस्सा लेने के लिए 28 और 29 अक्टूबर को जापान में रहेंगे. पिछले साल पीएम मोदी ने अहमदाबाद में शिंजो आबे का जोरदार स्वागत किया था. ऐसे में अब शिंजो आबे एक खास विला में मोदी का स्वागत करने वाले हैं. शिंजो आबे ने पीएम मोदी को अपने विला में डिनर का न्योता दिया है.
नई दिल्ली: जापान के साथ द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर जापान रवाना हो रहे हैं. पीएम मोदी 2018 इंडो-जापान समिट में हिस्सा लेने के लिए 28 और 29 अक्टूबर को जापान में रहेंगे. पिछले साल पीएम मोदी ने अहमदाबाद में शिंजो आबे का जोरदार स्वागत किया था. ऐसे में अब शिंजो आबे एक खास विला में मोदी का स्वागत करने वाले हैं. पीएम मोदी ने शुरू से ही जापान के साथ रिश्तों को मजबूत करने के लिए बहुत महत्व दिया है. यही वजह है कि उन्होंने पीएम बनने के बाद जापान को उन्होंने अपनी पहली विदेश यात्रा के रूप में चुना था.
पीएम मोदी पहले ऐसे अंतरराष्ट्रीय नेता हैं जिन्हें शिंजो आबे ने अपने विला में डिनर का न्योता दिया है. सूत्रों के अनुसार इस स्पेशल डिनर में जापान के कुछ एमपी और नेता भी मौजूद रहेंगे. यामानशी को माउंट फुजी ज्वालामुखी के लिए जाना जाता है. ये टोक्यो से सौ किलोमीटर दूर है. माउंट फुजी के पास ही एक होटल में पीएम मोदी के लिए लंच रखा गया है. क्या PM मोदी के पास है CBI डायरेक्टर को हटाने का अधिकार?
सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अाबे के बीच द्विपक्षीय मीटिंग के दौरान कई महत्वूपूर्ण मुद्दों पर बातचीत हो सकती है. जापान में भारत के राजदूत केंजी हिरामात्सू ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच बातचीत के दौरान कई प्रोजेक्ट पर सामने आ सकते हैं, जिसमें सिक्योरिटी प्रोब्लम्स से लेकर कनेक्टिविटी शामिल है. वार्ता के दौरान डिफेंस और सिक्योरिटी पार्टनरशिप के साथ-साथ ज्वॉइंट मिलिट्री एक्सरसाइज और लॉजिस्टिक शेयर पैक्ट को भी शामिल किया जा सकता है. इसके अलावा सबमरीन और यूएस-2 एम्फिबियस प्लेन बेचने को लेकर भी चर्चा हो सकती है.
क्यों खास है पीएम का जापान दौरा
भारत हर साल सिर्फ जापान और रूस के साथ द्विपक्षीय मीटिंग में हिस्सा लेता है. पीएम मोदी का यह जापान दौरा बेहद ही खास है. इंडो-जापान पार्टनरशिप में इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी की भी चर्चा होनी है. जापान की मदद से भारत के नॉर्थ-ईस्ट में तीन हाईवे का निर्माण और भारत-भूटान रोड़ कनेक्टिविटी के साथ-साथ बांग्लादेश में भारत-बांग्लादेश बॉर्डर निर्माण में भी मदद करेगा. पीएम मोदी का यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि जापानी पीएम शिंजो हाल ही में अपने चीन का दौरा खत्म करके लौटे हैं, जिसके बाद पीएम मोदी और शिंजो अाबे के बीच इस मुलाकात के दौरान एशिया महाद्वीप पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है. चीन को ध्यान में रखते हुए दोनों देशों के बीच डिफेंस डील पर बातचीत हो सकती है.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 25, 2018 03:29 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

