पिछले 6 महीनों में 5 बार सुरक्षा उल्लंघन, Air India को DGCA ने भेजे 9 कारण बताओ नोटिस
एयर इंडिया, जो देश की प्रमुख एयरलाइनों में से एक है, अब अपनी उड़ानों की सुरक्षा को लेकर सवालों के घेरे में आ गई है. पिछले छह महीनों में DGCA (नागर विमानन महानिदेशालय) ने एयर इंडिया को कुल 9 शो-कॉज नोटिस जारी किए हैं.
नई दिल्ली: एयर इंडिया, जो देश की प्रमुख एयरलाइनों में से एक है, अब अपनी उड़ानों की सुरक्षा को लेकर सवालों के घेरे में आ गई है. पिछले छह महीनों में DGCA (नागर विमानन महानिदेशालय) ने एयर इंडिया को कुल 9 शो-कॉज नोटिस जारी किए हैं. ये नोटिस 5 अलग-अलग सुरक्षा उल्लंघनों के मामलों में दिए गए हैं. यह जानकारी नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोळ ने राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में दी.
राज्यसभा में एक प्रश्न पूछा गया था कि क्या एयर इंडिया के विमान, उनके रखरखाव, संचालन या क्रू के संबंध में DGCA ने कोई आपत्ति दर्ज की है या नोटिस जारी किए हैं. इस पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा, भरोसेमंद संचालन और विमान की तकनीकी स्थिति (Flightworthiness) को लेकर ये नोटिस भेजे गए हैं. मंत्री ने यह भी बताया कि इन उल्लंघनों में से एक मामले में नियामकीय कार्रवाई पूरी की जा चुकी है. बाकी मामलों में जांच और प्रक्रिया अभी जारी है.
अहमदाबाद विमान दुर्घटना पर भी सवाल
राज्यसभा में जून 12 को अहमदाबाद में हुई एक दुर्घटनाग्रस्त एयर इंडिया विमान के बारे में भी सवाल उठाया गया. इस पर MoS ने बताया कि Aircraft Accident Investigation Bureau ने इस घटना पर अपनी प्राथमिक रिपोर्ट सौंपी है, जिसमें तकनीकी विवरण की समीक्षा की जा रही है. हालांकि, अभी तक किसी घातक गड़बड़ी की पुष्टि नहीं हुई है.
"एयर इंडिया की विश्वसनीयता में कोई गिरावट नहीं"
MoS मुरलीधर मोहोळ ने यह भी कहा कि पिछले छह महीनों में एयर इंडिया की विश्वसनीयता या तकनीकी प्रदर्शन में कोई ‘नकारात्मक रुझान’ (Adverse Trend) सामने नहीं आया है. यह बात थोड़ी राहत जरूर देती है, लेकिन बार-बार नोटिस मिलना गंभीर चिंता का विषय भी है.
एयरलाइंस की सुरक्षा पर क्यों उठते हैं सवाल?
एयरलाइन इंडस्ट्री में सुरक्षा सर्वोपरि होती है. लेकिन जब एक राष्ट्रीय विमानन कंपनी को बार-बार सुरक्षा उल्लंघनों पर नोटिस मिलते हैं, तो यात्रियों का भरोसा डगमगाने लगता है. इस तरह की घटनाएं न केवल विमान की विश्वसनीयता पर सवाल उठाती हैं, बल्कि पायलट प्रशिक्षण, रखरखाव की नियमितता और तकनीकी निगरानी पर भी प्रश्न चिह्न लगाती हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 21, 2025 05:02 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

