देश

अगस्ता वेस्टलैंड मामले में भारत को बड़ी कामयाबी, दुबई से दिल्ली लाया जा रहा है बिचौलिया मिशेल

वीवीआईपी चॉपर अगस्ता वेस्टलैंड की जांच में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है. सीबीआई की लंबी कोशिशों के बाद आखिरकार इस डील के बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल का भारत आना तय हो गया है. इसके बाद वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले में वांछित क्रिश्चियन मिशेल के भारत प्रत्यर्पण के लिए दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लाया जा रहा है.

अगस्ता वेस्टलैंड मामले में भारत को बड़ी कामयाबी, दुबई से दिल्ली लाया जा रहा है बिचौलिया मिशेल
क्रिश्चियन मिशेल (Photo Credit-Twitter)

वीवीआईपी चॉपर अगस्ता वेस्टलैंड की जांच में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है. सीबीआई की लंबी कोशिशों के बाद आखिरकार इस डील के बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल का भारत आना तय हो गया है. इसके बाद वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले में वांछित क्रिश्चियन मिशेल के भारत प्रत्यर्पण के लिए दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लाया जा रहा है. वह दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से रवाना हो चुका है. दिल्ली लाए जाने के बाद उसे सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा.

कुछ अन्य मामलों में दुबई की जेल में बंद मिशेल के भारत प्रत्यर्पण पर सुनवाई करते हुए पिछले महीने ही दुबई की अदालत ने निचली अदालत का फैसला बरकरार रखते हुए ये माना था कि मिशेल का भारत प्रत्यर्पण किया जा सकता है. कोर्ट ने मिशेल के वकीलों की गुहार खारिज करते हुए ये आदेश दिया था. जिसके बाद अब उसे भारत लाया जा रहा है, जहां उससे चॉपर डील के संबंध में पूछताछ की जाएगी.

बता दें कि इससे पहले मिशेल के संबंध में भारत में संयुक्त अरब अमीरात के राजदूत अहमद अलबाना ने बयान दिया था कि ब्रिटिश नागरिक और 3,600 करोड़ रुपये के अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदा मामले के कथित बिचौलिये क्रिश्चयन मिशेल के प्रत्यर्पण का फैसला संयुक्त अरब अमीरात की न्यायिक प्रणाली पर छोड़ देना चाहिए. ब्रिटिश नागरिक को भारत प्रत्यर्पित किया जा सकता है, इस सवाल के जवाब में अलबाना ने कहा था, ‘‘मुझे नहीं पता. न्यायिक प्रणाली है, संयुक्त अरब अमीरात और भारत के बीच समझौते हैं, हमें अपनी न्यायिक प्रणाली में विश्वास है.’’

ईडी ने मिशेल के खिलाफ जून, 2016 में दाखिल अपने आरोप पत्र में कहा था कि मिशेल को अगस्ता वेस्टलैंड से 225 करोड़ रुपये मिले थे. आरोपपत्र के अनुसार वह राशि और कुछ नहीं बल्कि कंपनी की ओर से दी गयी ‘‘रिश्वत’’ थी. इस संबंध में बिचौलिए मिशेल को फरवरी 2017 में यूएई में गिरफ्तार कर लिया गया था. मिशेल के वकील ने आरोप लगाया था की भारतीय जांच एजेंसी सीबीआई उनके क्लाइंट पर दबाव बना रही है. हालांकि जांच एजेंसी ने मिशेल के वकील के इन आरोपों को खारिज कर दिया था.

(The above story first appeared on LatestLY on Dec 04, 2018 08:24 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).