lockdown 2.0: गृह मंत्रालय के पत्र पर केरल का जवाब, आवश्यकता पड़ी तो नियमों में करेंगे शंसोधन
कोरोना वायरस (Coronavirus) की वजह से जारी लॉकडाउन (lockdown) के बीच 20 अप्रैल से दी गई रियायत केंद्र सरकार को रास नहीं आई. जिसके बाद केंद्र सरकार ने केरल की सरकार को पत्र लिखकर गाइडलाइंस के निर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया है. जिसके बाद केरल के मुख्य सचिव टॉम जोस का कहना है कि हम इसे लेकर बात कर रहे हैं। यदि जरुरत पड़ेगी तो इसमें आवश्यक संशोधन किए जाएंगे. वहीं इस मसले पर केरल सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि कहीं कुछ गलतफहमी हुई है. जिसके कारण केन्द्र ने लॉकडाउन के नियमों में ढील पर आपत्ति जताई है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शहरों में रेस्तरां खोलने, बस यात्रा की अनुमति देने और निगम के इलाकों में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम (एमएसएमई) उद्योगों को खोलने के केरल सरकार के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है और कहा है कि यह लॉकडाउन के दिशा-निर्देशों को हल्का करने के बराबर है.
कोरोना वायरस (Coronavirus) की वजह से जारी लॉकडाउन (lockdown) के बीच 20 अप्रैल से दी गई रियायत केंद्र सरकार को रास नहीं आई. जिसके बाद केंद्र सरकार ने केरल की सरकार को पत्र लिखकर गाइडलाइंस के निर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया है. जिसके बाद केरल के मुख्य सचिव टॉम जोस का कहना है कि हम इसे लेकर बात कर रहे हैं। यदि जरुरत पड़ेगी तो इसमें आवश्यक संशोधन किए जाएंगे. वहीं इस मसले पर केरल सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि कहीं कुछ गलतफहमी हुई है. जिसके कारण केन्द्र ने लॉकडाउन के नियमों में ढील पर आपत्ति जताई है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शहरों में रेस्तरां खोलने, बस यात्रा की अनुमति देने और निगम के इलाकों में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम (एमएसएमई) उद्योगों को खोलने के केरल सरकार के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है और कहा है कि यह लॉकडाउन के दिशा-निर्देशों को हल्का करने के बराबर है.
दरअसल गृह मंत्रालय ने केरल सरकार को लिखे पत्र में कहा कि राज्य सरकार ने 17 अप्रैल को बंद संबंधी उपायों के लिए संशोधित निर्देशों को प्रसारित किया जिसमें उन गतिविधियों की इजाजत दी गई जो केंद्र द्वारा 15 अप्रैल को जारी संगठित संशोधित निर्देशों के तहत प्रतिबंधित हैं. राज्य के पर्यटन मंत्री कदमपल्ली सुरेन्द्रन ने बंद के दिशानिर्देशों में ढील के आरोपों से इनकार किया. उन्होंने संवाददाताओं से कहा,‘‘ हमने केन्द्र के दिशानिर्देशों के अनुरूप ही ढील दी है। मुझे लगता है कि कहीं कुछ गलतफहमी है जिसके कारण केन्द्र ने स्पष्टीकरण देने को कहा है. एक बार हम जवाब दे दें तो फिर सब ठीक हो जाएगा.
महामारी से लड़ने के संबंध में केन्द्र और राज्य का रुख एक समान है. जो कदम उठाए गए हैं उनमें कोई विरोधाभास नहीं है. यह सिर्फ एक गलतफहमी है और हम इसे दूर कर देंगे. उन्होंने कहा कि बंद और नियमों में ढील राज्य और देश के लिए नई बात है और राज्य सरकार, जो भी भ्रम हैं उन्हें कुछ घंटों में दूर कर देगी.
ANI का ट्वीट:-
Kerala has received a letter from the Centre (regarding dilution of lockdown guidelines). We are discussing what can be done. If needed, necessary modifications will be made: Kerala Chief Secretary Tom Jose https://t.co/dkwRdRpWSF
— ANI (@ANI) April 20, 2020
केरल सरकार ने जिन अतिरिक्त गतिविधियों को अनुमति दी है उनमें स्थानीय कार्यशालाओं, हज्जाम की दुकान, रेस्तरां, पुस्तक भंडार, नगर निकाय के तहत आने वाले एमएसएमएई, शहरों एवं कस्बों में थोड़ी दूरी की बस यात्रा, चार पहिया वाहन की पिछली सीट पर दो यात्रियों और स्कूटर पर पिछली सीट पर बैठकर यात्रा करना शामिल है. राज्य सरकार की ओर से नियमों में ढील देने के बाद सोमवार को सैकड़ों की संख्या में लोग सड़कों पर निकल आए. ( भाषा इनपुट)
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 20, 2020 01:48 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

