Kangana Ranaut: कंगना रनौत पर चलेगा राष्ट्रद्रोह का केस, किसान आंदोलन को लेकर दिया था विवादित बयान, कोर्ट ने रिविजन याचिका की स्वीकार
Kangana Ranaut to face sedition charges (Credit-FB)

Kangana Ranaut: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के आगरा (Agra) की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने भाजपा सांसद और बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत (Kangana Ranaut) के खिलाफ किसानों का अपमान करने के आरोप में दायर याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है. अदालत ने कहा कि अब यह मामला उसी निचली अदालत में सुना जाएगा, जिसने पहले इसे खारिज किया था.विशेष जज लोकेंद्र कुमार ने बुधवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुनाया. अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अब इस प्रकरण पर अगली सुनवाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.

इस मामले में अदालत ने अब तक कंगना रनौत को छह बार समन जारी किया, लेकिन वह किसी भी तारीख पर अदालत में पेश नहीं हुईं. याचिकाकर्ता ने इसे अदालत की अवमानना बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है. ये भी पढ़े:VIDEO: ‘बंगाल को नॉर्थ कोरिया मत बनाइए’: कंटेंट क्रिएटर शर्मिष्ठा पनौली की गिरफ्तारी पर भड़कीं कंगना रनौत, ममता बनर्जी से की न्याय करने की अपील

राष्ट्रद्रोह का मामला दर्ज करने की मांग

कंगना के खिलाफ यह मुकदमा (Case) वकील रामाशंकर शर्मा ने 11 सितंबर 2024 को दायर किया था. उन्होंने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि कंगना ने 26 अगस्त 2024 को एक इंटरव्यू में किसानों के खिलाफ अपमानजनक बयान दिए थे. उनके बयानों में यह कहा था कि 'किसान आंदोलन (Farmers Protest) के दौरान बलात्कार और हत्याएं हुईं, अगर तीन बिलों की वापसी नहीं होती तो फिर प्लानिंग लंबी थी और बांग्लादेश जैसे हालात बन सकते थे. इस बयान के कारण लाखों किसानों की भावनाएं आहत हुईं, ऐसा वकील ने कहा.

अब होगी कानूनी सुनवाई

जिला अदालत ने वकील की याचिका को स्वीकार करते हुए कहा कि मामले की विस्तृत सुनवाई अब निचली अदालत (Court) में की जाएगी.अदालत ने इसे गंभीर आरोप माना है और संबंधित धाराओं के तहत जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का आदेश दिया है.