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अब 50 हजार से अधिक के नकद लेन-देन में PAN की जगह Aadhaar का कर सकते हैं इस्तेमाल

अब पचास हजार से अधिक के नकद लेन-देन में पैन की जगह आधार का उपयोग किया जा सकता है. राजस्व सचिव अजय भूषण पांडे ने कहा कि 50,000 रुपये से अधिक के नकद लेन-देन और अन्य मकसद से उन जगहों पर आधार संख्या का जिक्र किया जा सकता है जहां परंपरागत रूप से पैन संख्या का उपयोग अनिवार्य है.

अब 50 हजार से अधिक के नकद लेन-देन में PAN की जगह Aadhaar का कर सकते हैं इस्तेमाल
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: LatestLY)

अब पचास हजार से अधिक के नकद लेन-देन में पैन (PAN) की जगह आधार (Aadhaar) का उपयोग किया जा सकता है. राजस्व सचिव अजय भूषण पांडे (Revenue Secretary Ajay Bhushan Pandey) ने कहा कि 50,000 रुपये से अधिक के नकद लेन-देन और अन्य मकसद से उन जगहों पर आधार संख्या का जिक्र किया जा सकता है जहां परंपरागत रूप से पैन संख्या का उपयोग अनिवार्य है. पांडे ने शनिवार को कहा कि बैंकों तथा अन्य संस्थान उन सभी जगहों पर आधार स्वीकार करने को लेकर अपनी व्यवस्था को उन्नत करेंगे जहां पैन का जिक्र करना अनिवार्य है. इससे पहले, बजट (Budget) में करदाताओं की सुविधाओं के लिये आयकर रिटर्न भरने को लेकर पैन नहीं होने पर आधार के उपयोग की अनुमति दे दी.

उन्होंने कहा, ‘‘ आज 22 करोड़ पैन कार्ड है जो आधार से जुड़े हैं. वहीं 120 करोड़ लोगों के पास आधार है. अब अगर कोई पैन चाहता है, उसे पहले आधार का उपयोग करना होता है, पैन बनवाना पड़ता है और उसके बाद उसका उपयोग शुरू करता है. आधार के साथ लाभ यह होगा कि उसे पैन सृजित करने की जरूरत नहीं है. अत: यह एक बड़ी सुविधा है.’’ यह पूछे जाने पर कि क्या बैंक खाते में 50,000 रुपये से अधिक जमा करने या निकासी के लिये पैन की जगह आधार का उपयोग किया जा सकता है, पांडे ने कहा, ‘‘आप वहां आधार का उपयोग कर सकते हैं.’’ यह भी पढ़ें- Budget 2019: Aadhaar और PAN का होगा परस्पर इस्तेमाल, आधार कार्ड के जरिए भी भर सकेंगे इनकम टैक्स रिटर्न

कालाधन पर अंकुश लगाने के लिये सरकार ने होटल या विदेश यात्रा जैसे मद में 50,000 रुपये से अधिक के नकद लेनदेन में पैन का जिक्र अनिवार्य किया हुआ है. इसके अलावा 10 लाख रुपये से अधिक मूल्य की अचल संपत्ति की खरीद के लिये भी पैन अनिवार्य है. यह पूछे जाने पर कि क्या पैन के चरणबद्ध तरीके से समाप्त किया जाएगा, उन्होंने कहा कि यह ऐसा नहीं होगा क्योंकि लोगों के पास स्थायी खाता संख्या या आधार का उपयोग करने का विकल्प है. पांडे ने कहा, ‘‘कुछ लोगों को पैन के उपयोग में कोई समस्या नहीं है...इसीलिए पैन और आधार दोनों बने रहेंगे क्योंकि कुछ लोग आधार के उपयोग को तरजीह दे सकते हैं, वहीं कुछ पैन के उपयोग को पसंद कर सकते हैं....’’

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 06, 2019 10:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).