मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके बाप-दादा को लेकर टिप्पणी की तो नाराज हुई भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने गुरुवार को कहा कि कांग्रेस में तो नेताओं के बेटे ही नेता होते हैं, भाजपा में ऐसा नहीं है. इसलिए एक गरीब परिवार में जन्मे मोदी जी प्रधानमंत्री कैसे बन गए यही उनका दु:ख है. दरअसल, मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम में राष्ट्रवाद के मुद्दे पर कहा था, "मैं पीएम मोदी से कहना चाहता हूं कि उनकी पार्टी से क्या कोई स्वतंत्रता सेनानी था, उनके बाप-दादा भी स्वतंत्रता सेनानी नहीं थे, मगर वे हमें राष्ट्रवाद का पाठ पढ़ाते हैं."

जवाहरलाल नेहरु युनिवर्सिटी में हुए हिंसा के बाद बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण के वहां हुंचने को लेकर रिएक्शनों का दौर अभी भी जारी है. इसी कड़ी में बीजेपी नेता गोपाल भार्गव ने भी अपना बयान जारी किया है. बीजेपी नेता ने ANI न्यूज एजेंसी से बात करते हुए कहा कि, 'हीरोइन को तो अपना डांस करना चाहिए मुंबई में बैठ के. जेएनयू में क्यूं जाना चाहिए था उसको, मेरे समझ में नहीं आ रहा है. इस प्रकार के दर्जनों लोग हो गए हैं जो एक्टिविस्ट, आर्टिस्ट कहलाते हैं.

बीजेपी नेता राज्यवर्धन एस राठौर ने कहा कि, 'सेना में हम देश सबसे पहले रखते हैं और पार्टी में भी. ये जो भगवा रंग है वो शहादत का रंग है. अब किस तरह से इस भगवा रंग को भी तोड़ा-मरोड़ा जा रहा है. ये ऐसा है जो देश को सबसे पहले रखता है अपने को सबसे बाद में.

पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस बांग्लादेश में जमात-उल मुजाहिदीन बांग्लादेश की मदद से लगभग 40 रोहिंग्या मुसलमानों को प्रशिक्षित कर रही है, ताकि वे भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे सकें.

गुजरात एटीएस: वडोदरा के गोरवा इलाके से जफर अली नाम के एक आतंकवादी को गिरफ्तार किया गया है. वह तमिलनाडु में वांटेड है. पिछले 10-12 दिनों से वह आईएसआईएस मॉड्यूल का प्रसार करने के लिए वडोदरा में था.

लोकसभा और विधानसभा चुनाव में झारखंड विकास मोर्चा को आशातीत सफलता नहीं मिलने के बाद झारखंड में नए सियासी परिदृश्य की संभावना जताई जा रही है. बदले सियासी समीकरण में झाविमो का बीजेपी में विलय हो सकता है.

भारतीय जनता पार्टी दिल्ली विधानसभा चुनाव में इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहारे ही चुनाव मैदान में है. केजरीवाल बनाम कौन? इसकी घोषणा से बीजेपी फिलहाल बचना चाह रही है. 

दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी को सत्ता से रोकने के लिए अब समाजवादी पार्टी ने भी कमर कस ली है. वह इस चुनाव में आम आदमी पार्टी को समर्थन देने की तैयारी कर रही है. 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को विकास व रोजगार के साथ अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए उठाए जाने वाले कदमों के मद्देनजर 30 से ज्यादा उद्योग विशेषज्ञों और अर्थशास्त्रियों के साथ दो घंटे तक बैठक की. सूत्रों के अनुसार, मोदी ने पांच ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को लेकर अर्थशास्त्रियों को संबोधित किया. 

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) प्रशासन ने परिसर में पांच जनवरी को हुई हिंसा की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है. यह कदम जेएनयूएसयू नेताओं के उन आरोपों के बाद उठाया गया है, जिसमें कहा जा रहा था कि जेएनयू प्रशासन दक्षिणपंथी छात्र संगठनों खासकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) का पक्ष ले रहा है.

Load More

नई दिल्ली: केंद्र सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद अर्थव्यवस्था में सुधार होता नहीं दिख रहा है. हाल में केंद्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष (2019-20) में जीडीपी ग्रोथ सिर्फ 5% रहने की उम्मीद जताई है. जो कि साल 2008-09 के बाद सबसे कम है. इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नीति आयोग में विशेषज्ञों के साथ बैठक करेंगे. आगामी आम बजट को देखते हुये बैठक में अर्थव्यवस्था की स्थिति पर चर्चा होने की उम्मीद है.

बैठक में नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार , मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे. एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई - भाषा को बताया , "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बृहस्पतिवार को नीति आयोग आएंगे."

सरकार 2020-21 के लिए बजट प्रस्ताव तैयार करने में जुटी है. ऐसे में यह बैठक अहम है. इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को देश के शीर्ष उद्योगपतियों के साथ अर्थव्यवस्था की स्थिति पर चर्चा की. समझा जाता है कि बैठक में अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन देने तथा रोजगार सृजन बढ़ाने के उपायों पर विचार विमर्श किया गया.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को अपना दूसरा आम बजट पेश करेंगी जिसमें देश की आर्थिक वृद्धि को फिर से पटरी पर लाने की बड़ी चुनौती होगी.

चालू वित्त वर्ष की जुलाई - सितंबर तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर घटकर 4.5 प्रतिशत पर आ गई है जो इसका छह साल का निचला स्तर है. मोदी सरकार ने सितंबर, 2019 में सुस्त पड़ती अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए कॉरपोरेट कर में कटौती समेत कुछ अन्य उपायों की घोषणा की थी.