हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने दिल्ली में पीएम मोदी से मुलाकात की.

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री लालू प्रसाद के 11वीं बार पार्टी का निर्विरोध अध्यक्ष चुने जाने की औपचारिक घोषणा की गई.  पटना में मंगलवार को पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय निर्वाचन पदाधिकारी चित्तरंजन गगन ने इसकी औपचारिक घोषणा की. इस घोषणा के बाद पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने करतल ध्वनि से इसका स्वागत किया. (इनपुट आईएएनएस)

बीजेपी से नाराज चल रहे हैं एकनाथ खडसे ने मीडिया के बातचीत में कहा कि वे बीजेपी से नाराज नहीं हैं. बल्कि पार्टी के 2-3 नेताओं से हूं अपसेट. वहीं उन्होंने अपने बयान में कहा कि वे शिवसेना में शामिल नहीं हो रहे हैं. 

नागरिकता संशोधन बिल का विरोध, त्रिपुरा में 48 घंटों के लिए मोबाइल इंटरनेट-एसएमएस सेवाएं बंद

फिल्म 'पानीपत' के विरोध को लेकर राजस्थान के सांसद हनुमान बेनीवाल ने आज संसद भवन के परिसर में पोस्टर फाड़ा.

झारखंड विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण के मतदान के लिए चुनाव प्रचार मंगलवार शाम समाप्त हो गया. चुनाव यहां के आठ जिलों की 17 विधानसभा सीटों पर 12 दिसंबर को होंगे (इनपुट आईएएनएस)

आर्म्स संशोधन बिल लोकसभा से पास

नागरिकता संशोधन बिल को लेकर चेन्नई में सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी का विरोध प्रदर्शन हो रहा है. लोग अपने हाथों में बैनर लेकर  इस बिल का विरोध कर रहे हैं.

एसपी सांसद आजम खान ने कहा कि मुसलमानों के पास 1947 में बटवारे के समय पाकिस्तान जाने या फिर भारत में ही रहकर बसने का विकल्प था और उन्होंने यहीं रहने का विकल्प चुना, इसलिए मुस्लिम सबसे बड़े देश भक्त हैं. पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से दिसंबर 2014 से पहले भारत आए गैर-इस्लामी शरणार्थियों को नागरिकता देने वाले विधेयक के लोकसभा से पास हो जाने पर पत्रकारों से बात करते हुए आजम ने यहां यह बात कही (इनपुट आईएएनएस)

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गुवाहाटी: मोदी सरकार ने सोमवार को लोकसभा में ऐतिहासिक नागरिकता संशोधन बिल (Citizenship Amendment Bill) पारित करवा लिया है. बिल के पक्ष में 311 मत और विरोध में 80 मत पड़े. हालांकि इस बिल के खिलाफ देश के पूर्वोत्तर राज्य असम में खूब विरोध हो रहा है. राज्य में छात्र संगठन NESO और AASU ने 12 घंटे का बंद बुलाया है. इसके चलते कई इलाकों में सुबह से ही दुकानें नहीं खुलीं है.

नागरिकता संशोधन बिल में अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से धार्मिक प्रताड़ना के कारण भारत आए हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के लोगों को भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन करने का पात्र बनाने का प्रावधान है.

निचले सदन में विधेयक पर सदन में सात घंटे से अधिक समय तक चली चर्चा का जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह विधेयक लाखों करोड़ों शरणार्थियों के यातनापूर्ण नरक जैसे जीवन से मुक्ति दिलाने का साधन बनने जा रहा है. ये लोग भारत के प्रति श्रद्धा रखते हुए हमारे देश में आए, उन्हें नागरिकता मिलेगी. शाह ने कहा कि यह विधेयक किसी धर्म के खिलाफ भेदभाव वाला नहीं है और तीन देशों के अंदर प्रताड़ित अल्पसंख्यकों के लिए है जो घुसपैठिये नहीं, शरणार्थी हैं.

उन्होंने कहा कि 1947 में पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की आबादी 23 प्रतिशत थी. 2011 में 23 प्रतिशत से कम होकर 3.7 प्रतिशत हो गई. बांग्लादेश में 1947 में अल्पसंख्यकों की आबादी 22 प्रतिशत थी जो 2011 में कम होकर 7.8 प्रतिशत हो गई. भारत में 1951 में 84 प्रतिशत हिंदू थे जो 2011 में कम होकर 79 फीसदी रह गये, वहीं मुसलमान 1951 में 9.8 प्रतिशत थे जो 2011 में 14.8 प्रतिशत हो गये. उन्होंने कहा कि इसलिये यह कहना गलत है कि भारत में धर्म के आधार पर भेदभाव हो रहा है. उन्होंने कहा कि धर्म के आधार पर भेदभाव न हो रहा है और ना आगे होगा.

उल्लेखनीय है कि सोमवार को भी बीजेपी की सहयोगी इंडीजीनस पीपल फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) सहित कई आदिवासी समूहों ने नागरिक संशोधन विधेयक के खिलाफ बंद बुलाया था. जिसके चलते त्रिपुरा ट्राइबल एरिया ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (टीटीएएडीसी) के क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित रहा. सड़क और रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुए और हजारों यात्री बीच रास्ते में फंसे रहे, क्योंकि बंद समर्थक कार्यकर्ताओं ने त्रिपुरा और देश के बाकी हिस्सों के बीच चलने वाले वाहनों और ट्रेनों को आगे जाने से रोक दिया.