‘गोविंदा जैसा बेटा चाहिए, पति नहीं’: सुनीता आहूजा ने शादी के 40 साल पूरे होने पर साझा किया अपना दर्द
सुनीता आहूजा, गोविंदा (Photo Credit: Instagram)

मुंबई, 27 अप्रैल: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता गोविंदा (Govinda) की पत्नी सुनीता आहूजा (Sunita Ahuja) अक्सर बेबाकी से अपनी राय सबके सामने रखने के लिए जानी जाती हैं. कई बार वो अपने बयानों के कारण चर्चा में भी बनी रहती हैं. इसी कड़ी में सुनीता अहूजा एक बार फिर से अपने एक हालिया इंटरव्यू को लेकर चर्चा में हैं. यूट्यूब चैनल 'अभिषेक व्यास इनसाइट्स' को दिए साक्षात्कार में सुनीता ने अपनी चार दशक लंबी शादी के अनुभवों को साझा किया. उन्होंने गोविंदा के पारिवारिक समर्पण की प्रशंसा तो की, लेकिन एक पार्टनर के रूप में उनकी कार्यशैली पर ऐसी टिप्पणी की, जिसने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है. यह भी पढ़ें: सुनीता आहूजा और गोविंदा की शादी टूटने की कगार पर? पत्नी ने एक्टर पर लगाए बेवफाई और क्रूरता के आरोप

"आदर्श बेटा, लेकिन चुनौतीपूर्ण साथी"

इंटरव्यू के दौरान सुनीता ने गोविंदा के व्यक्तित्व के दो अलग पहलुओं पर रोशनी डाली. उन्होंने कहा कि गोविंदा ने अपनी पूरी जिंदगी अपने माता-पिता और भाई-बहनों की जिम्मेदारी उठाने में बिता दी, लेकिन इस प्रक्रिया में उन्होंने एक पति के रूप में उनके (सुनीता) साथ समय बिताने या अपनी निजी खुशियों को प्राथमिकता नहीं दी.

सुनीता ने स्पष्ट शब्दों में कहा, "गोविंदा एक बहुत अच्छे बेटे और भाई हैं, लेकिन एक पति के रूप में मैं जो चाहती थी... मुझे पार्टियों में जाना, डिनर और छुट्टियों पर जाना पसंद है, लेकिन वे अपने परिवार के भरण-पोषण में इतने मगन रहे कि उन्होंने कभी इन चीजों का आनंद नहीं लिया."

60 साल की उम्र और अधूरा जीवन

सुनीता ने 60 वर्षीय अभिनेता के लिए दुख जताते हुए कहा कि इतने बड़े सुपरस्टार होने के बावजूद गोविंदा ने कभी अपने लिए नहीं जिया. उन्होंने भावुक होकर कहा, "आप इतने बड़े स्टार हैं, लेकिन आपने जीवन में देखा क्या है? कुछ भी नहीं. उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी दूसरों के लिए कुर्बान कर दी, यह सोचकर मुझे बुरा लगता है."

यही कारण है कि सुनीता ने यह चौंकाने वाला बयान दिया: "मैं हमेशा कहती हूं कि मुझे गोविंदा जैसा बेटा चाहिए, पति नहीं." उन्होंने यह भी मजाकिया अंदाज में जोड़ा कि अगले जन्म में वे चाहती हैं कि गोविंदा उनके बेटे के रूप में पैदा हों, ताकि वे उनके समर्पण और देखभाल का अनुभव बिना किसी रोमांटिक जटिलताओं के कर सकें. यह भी पढ़ें: तलाक की खबरों पर सुनीता आहूजा ने तोड़ी चुप्पी, कहा- “मेरा गोविंदा सिर्फ मेरा है, कोई हमें अलग नहीं कर सकता”

40 साल का सफर और स्टारडम की चुनौतियां

सुनीता और गोविंदा का विवाह 1987 में हुआ था. शुरुआती वर्षों में गोविंदा के 'चॉकलेट बॉय' इमेज और स्टारडम को बचाने के लिए इस शादी को गुप्त रखा गया था. उनकी बेटी टीना के जन्म के बाद ही यह रिश्ता दुनिया के सामने आया.

सुनीता ने बताया कि 90 के दशक के सुपरस्टार की पत्नी बनने के लिए "पत्थर का दिल" चाहिए होता था, क्योंकि उस दौर में अभिनेता अपने परिवारों से ज्यादा समय को-स्टार्स के साथ बिताते थे. पुरानी अफवाहों और गलतियों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि अब उनका पूरा ध्यान उनके बच्चों, टीना और यशवर्धन पर है.

अटूट प्रतिबद्धता

इतनी स्पष्ट आलोचना के बावजूद सुनीता ने साफ किया कि वे इस शादी के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं.  उन्होंने कहा, "अब पछताने का कोई मतलब नहीं है; मैं उन्हें अब छोड़ नहीं सकती. 40 साल हो गए हैं... अब इसके बारे में सोचना भी अपराध होगा." उनके अनुसार, गोविंदा अपनी मां के जीवित रहते हुए बहुत अच्छे थे और उनके जाने के बाद भी वे एक जिम्मेदार इंसान बने हुए हैं.