Dupahiya Review: शादी, दहेज और एक चोरी - ‘दुपहिया’ में हर मोड़ पर है हंसी और सरप्राइज!
गांव की सादगी, हल्की-फुल्की कॉमेडी और मजेदार किरदारों के साथ 'दुपहिया' एक मनोरंजक सफर पर ले जाती है. यह सीरीज न सिर्फ हंसाती है, बल्कि दहेज और सामाजिक मुद्दों पर हल्के-फुल्के अंदाज में सोचने पर भी मजबूर करती है.
Dupahiya Review: गांव की कहानियों में एक अलग ही सादगी और अपनापन होता है, और जब उसमें हल्की-फुल्की कॉमेडी और मजेदार किरदार जोड़ दिए जाएं, तो वह सीरीज दर्शकों के दिलों पर सीधा असर छोड़ जाती है. 'दुपहिया' भी ऐसी ही एक वेब सीरीज है, जो हंसी-मजाक और हल्के-फुल्के इमोशन्स के साथ दर्शकों को एंटरटेन करने के लिए आई है. यह कहानी बिहार के एक काल्पनिक गांव धड़कपुर की है, जहां बीते 24 सालों से कोई अपराध नहीं हुआ, लेकिन अब वक्त है क्राइम फ्री सिल्वर जुबली सेलिब्रेट करने का. लेकिन तभी गांव में पहली बार एक बड़ी चोरी हो जाती है, और यहीं से कहानी में दिलचस्प मोड़ आ जाता है.
यह सीरीज न सिर्फ गांव की मासूमियत को दिखाती है, बल्कि दहेज प्रथा, सोशल मीडिया के प्रभाव और शहर-गांव के बीच की मानसिकता के अंतर को भी हल्के-फुल्के अंदाज में सामने लाती है. सोनम नायर के निर्देशन में बनी यह सीरीज हंसी और इमोशन्स का एक शानदार मिश्रण है, जिसे देखकर आप ठहाके लगाए बिना नहीं रह सकते.
कहानी: जब दुपहिया बनी गांव की सबसे बड़ी मुसीबत
धड़कपुर गांव की मुखिया पुष्पलता (रेणुका शहाणे) की बदौलत गांव की छवि एक क्राइम-फ्री ज़ोन की बनी हुई है. यहां उनकी बेटी निरमल (कोमल कुशवाहा) अपने सांवलेपन को लेकर परेशान है और फेयरनेस ट्रीटमेंट के लिए पैसे जोड़ रही है. दूसरी तरफ बनवारी झा (गजराज राव) अपनी बेटी रोशनी (शिवानी रघुवंशी) की शादी गांव में करवाना चाहते हैं, लेकिन रोशनी मुंबई की लाइफ जीना चाहती है. इस शादी के लिए दहेज में रॉयल एनफील्ड और दो साल का पेट्रोल मांगा जाता है. जैसे-तैसे परिवार बाइक का इंतजाम कर लेता है, लेकिन तभी बाइक चोरी हो जाती है! अब पूरे गांव में हड़कंप मच जाता है. क्राइम फ्री गांव में 24 साल बाद अपराध हुआ है, अब इसे कैसे सुलझाया जाएगा? शादी होगी या नहीं? यही इस सीरीज की असली मजेदार जर्नी है.
स्क्रिप्ट और डायरेक्शन: हल्की-फुल्की कहानी, जो दिल जीत लेगी
'दुपहिया' की सबसे बड़ी खासियत इसकी स्क्रिप्ट और डायलॉग्स हैं. कहानी बहुत साधारण है, लेकिन इसे जिस तरह से परोसा गया है, वह इसे खास बना देता है. सोनम नायर ने गांव के माहौल और किरदारों को जिस तरह से गढ़ा है, वह एकदम रियल लगता है. बिहारी टोन में बोले गए संवाद और गांव की छोटी-छोटी बातों को बारीकी से दिखाने का तरीका शानदार है. सीरीज में हल्का-फुल्का रोमांस भी है, जो कहानी को और मजेदार बनाता है. यह पूरी तरह से फैमिली फ्रेंडली शो है, जिसे आप बिना झिझक पूरे परिवार के साथ देख सकते हैं.
देखें 'दुपहिया' ट्रेलर:
एक्टिंग: हर किरदार अपनी जगह पर परफेक्ट
इस वेब सीरीज की सबसे बड़ी ताकत इसकी कास्टिंग है. गजराज राव अपने किरदार में बखूबी ढल गए हैं और एक पिता, शिक्षक और पति के रूप में प्रभावित करते हैं. रेणुका शहाणे की दमदार स्क्रीन प्रेजेंस उनकी परफॉर्मेंस को और खास बनाती है. स्पर्श श्रीवास्तव (भूगोल) ने अपने किरदार को शानदार तरीके से निभाया है. सोशल मीडिया स्टार बनने का सपना देखने वाले इस छोटे गांव के लड़के की मेहनत और संघर्ष को वह बहुत ही स्वाभाविक तरीके से पेश करते हैं. शिवानी रघुवंशी और कोमल कुशवाहा ने अपने-अपने किरदारों में जान डाल दी है. वहीं, भुवन अरोड़ा (अमावस) और ब्रिजेन्द्र काला की परफॉर्मेंस भी आपको हंसने पर मजबूर कर देगी.
फाइनल वर्डिक्ट
अगर आप 'पंचायत' या 'गुल्लक' जैसी सादगी भरी कॉमेडी पसंद करते हैं, तो 'दुपहिया' आपको जरूर पसंद आएगी. यह एक सिचुएशनल कॉमेडी है, जो आपको शुरुआत से लेकर अंत तक बांधे रखेगी. कहानी में इमोशन्स, हल्का रोमांस और ढेर सारा ह्यूमर है, जिसे देखकर आप खुश महसूस करेंगे. अगर आप कुछ हल्का-फुल्का और मजेदार देखना चाहते हैं, तो दुपहिया को अपनी वॉचलिस्ट में जरूर शामिल करें.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 08, 2025 10:33 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

