Stock Market Holiday Update: भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में आज का दिन बेहद दुर्लभ है. मानक परंपराओं से हटकर, देश के प्रमुख शेयर बाजार—नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE)—आज रविवार होने के बावजूद पूरी तरह खुले रहेंगे. यह निर्णय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किए जाने वाले केंद्रीय बजट 2026-27 के कारण लिया गया है, ताकि निवेशक बजट की घोषणाओं पर तुरंत अपनी प्रतिक्रिया दे सकें.
आज का मार्केट शेड्यूल और ट्रेडिंग समय
एक्सचेंजों ने पुष्टि की है कि आज का सत्र सामान्य कार्यदिवसों की तरह ही संचालित होगा. इक्विटी, डेरिवेटिव्स (F&O) और कमोडिटी सेगमेंट में ट्रेडिंग के लिए निम्नलिखित समय तय किया गया है यह भी पढ़े: Union Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज संसद में 11 बजे पेश करेंगी आम बजट, जानें सरकार के पिटारे में देश के लिए क्या हो सकता है खास?
| मार्केट सेगमेंट | प्री-ओपन सेशन | सामान्य ट्रेडिंग समय |
| इक्विटी और डेरिवेटिव्स (NSE/BSE) | सुबह 9:00 – 9:08 | सुबह 9:15 – दोपहर 3:30 |
| कमोडिटीज (MCX) | सुबह 8:45 – 8:59 | सुबह 9:00 – शाम 5:00 |
| कमोडिटीज (NCDEX) | सुबह 9:45 – 10:00 | सुबह 10:00 – शाम 5:00 |
सेटलमेंट हॉलिडे: इन 3 बातों का रखें ध्यान
हालांकि आज ट्रेडिंग चालू है, लेकिन तकनीकी रूप से आज 'सेटलमेंट हॉलिडे' है. इसका मतलब है कि निवेशकों को कुछ सीमाओं का सामना करना पड़ेगा:
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शुक्रवार की कमाई: यदि आपने शुक्रवार (30 जनवरी) को कोई शेयर बेचा था, तो उसका पैसा आज ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध नहीं होगा.
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शेयर बिक्री पर रोक: शुक्रवार को खरीदे गए शेयर (BTST) आज नहीं बेचे जा सकेंगे.
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फंड निकासी: यदि आप आज पैसे निकालने (Withdrawal) का अनुरोध करते हैं, तो वह सोमवार, 2 फरवरी को ही प्रोसेस होगा.
रविवार को बाजार खुलने का ऐतिहासिक महत्व
आजाद भारत के इतिहास में यह केवल दूसरी बार है जब बजट रविवार को पेश किया जा रहा है और बाजार खुले हैं. इससे पहले 28 फरवरी 1999 को तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने रविवार को बजट पेश किया था. विशेषज्ञों का मानना है कि रविवार को बाजार खुला रखने से सोमवार को होने वाली संभावित भारी उठापटक (Gap Opening) को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी.
निवेशकों के लिए बाजार का रुख
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, सुबह 11 बजे वित्त मंत्री का भाषण शुरू होते ही बैंकिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, डिफेंस और कंज्यूमर गुड्स जैसे सेक्टरों में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है. निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे उच्च अस्थिरता को देखते हुए सावधानी से ट्रेड करें.













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