Silver Rate Today, January 3, 2025: अगर आप चांदी की चीजें या गहने खरीदने की सोच रहे हैं तो जाहिर सी बात है कि आप इसकी कीमत के बारे में जानना चाहेंगे. आपको बता दें कि नए साल 2026 की शुरुआत के साथ ही कीमती धातुओं, विशेषकर चांदी में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है. आज यानी 3 जनवरी 2026 को भारतीय बाजार में चांदी की कीमत लगभग ₹2,42,100 प्रति किलोग्राम पर बनी हुई है. सुबह के सत्र में कीमतों में ₹100 की मामूली वृद्धि दर्ज की गई, जो इस 'सफेद धातु' के प्रति निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाती है. बाजार जानकारों का मानना है कि इस साल चांदी अन्य कीमती धातुओं की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर रही है. यह भी पढ़ें: Silver Rate Today, January 2: नए साल की शुरुआत में चांदी की कीमतों में स्थिरता, जानें दिल्ली-मुंबई समेत बड़े शहरों के आज के रेट
प्रमुख शहरों में आज के भाव (प्रति किलोग्राम)
भारत के विभिन्न शहरों में स्थानीय करों और मांग के आधार पर चांदी की कीमतों में अंतर देखा जा रहा है. दक्षिण भारत के शहरों में कीमतें उत्तर और पश्चिम भारत के मुकाबले काफी अधिक हैं.
| शहर | आज की कीमत (3 जनवरी 2026) |
| चेन्नई | ₹2,60,100 |
| दिल्ली | ₹2,42,100 |
| मुंबई | ₹2,42,100 |
| कोलकाता | ₹2,42,100 |
| हैदराबाद | ₹2,60,100 |
| बेंगलुरु | ₹2,42,100 |
| अहमदाबाद | ₹2,42,100 |
| केरल | ₹2,60,100 |
कीमतों में उछाल की मुख्य वजह
चांदी की कीमतों में इस ऐतिहासिक तेजी के पीछे केवल निवेश ही नहीं, बल्कि भारी औद्योगिक मांग भी एक बड़ा कारण है.
- सोलर और ईवी सेक्टर: सौर ऊर्जा (Solar Energy) और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) घटकों के निर्माण में चांदी का बड़े पैमाने पर उपयोग हो रहा है.
- सप्लाई चैन: चीन द्वारा चांदी के निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंधों और वैश्विक आपूर्ति में कमी ने भी कीमतों को हवा दी है.
- सुरक्षित निवेश: वैश्विक अनिश्चितता के बीच निवेशक इसे सोने के विकल्प के रूप में एक 'सेफ हेवन' एसेट मान रहे हैं. यह भी पढ़ें: Silver Rate Today, December 31, 2025: नए साल से पहले चांदी की चमक पड़ी कुछ फीकी; चेक करें दिल्ली, मुंबई और चेन्नई समेत बड़े शहरों में आज के ताज़ा रेट
आगे क्या है उम्मीद?
बाजार विश्लेषकों का अनुमान है कि साल 2026 में चांदी की चमक और बढ़ सकती है. औद्योगिक मांग और वैश्विक बाजार में डॉलर की स्थिति को देखते हुए, चांदी के दाम आने वाले हफ्तों में नए रिकॉर्ड स्तर को छू सकते हैं. हालांकि, विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि निवेशकों को ऊंचे स्तरों पर खरीदारी करते समय सावधानी बरतनी चाहिए और गिरावट पर धीरे-धीरे संचय (Accumulation) की रणनीति अपनानी चाहिए.












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