अनिल अंबानी ग्रुप की कंपनियों पर ED की छापेमारी, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर और रिलायंस पावर के शेयर औंधे मुंह गिरे

अनिल अंबानी द्वारा प्रमोट की गई कंपनियां रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर (Reliance Infrastructure) और रिलायंस पावर (Reliance Power) के शेयरों में गुरुवार 24 जुलाई को भारी गिरावट देखी गई. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर दोनों कंपनियों के शेयर 5% के लोअर सर्किट (Lower Circuit) में चले गए, यानी एक तय सीमा से ज्यादा गिरने के बाद इनमें खरीद-बिक्री रोक दी गई है. इस गिरावट के बाद रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर का शेयर 360.05 रुपये और रिलायंस पावर का शेयर 59.70 रुपये पर बंद हुआ.

छापेमारी की वजह क्या है?

यह गिरावट उस खबर के बाद आई, जिसमें कहा गया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 3,000 करोड़ रुपये के बैंक लोन फ्रॉड (Bank Loan Fraud) मामले में अनिल अंबानी ग्रुप की कंपनियों और यस बैंक (Yes Bank) के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) जांच के तहत मुंबई और दिल्ली में 35 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की है.

रिपोर्ट के मुताबिक, यह कार्रवाई 50 कंपनियों और लगभग 25 व्यक्तियों के खिलाफ धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की जा रही है. जांच में यह बात सामने आई है, कि 2017 से 2019 के बीच यस बैंक द्वारा गलत तरीके से 3,000 करोड़ रुपये के लोन दिए गए थे, और लोन जारी करने से ठीक पहले यस बैंक के प्रमोटर्स को पैसे मिले थे, जिससे घूस और लोन के बीच की साठगांठ की बात सामने आ रही है.

लोन मंजूरी में बड़ी गड़बड़ियां

ईडी के अनुसार, रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप को दिए गए लोन में बैकडेटेड क्रेडिट अप्रूवल मेमोरेंडम (CAMs) और बिना किसी उचित जांच के निवेश प्रस्ताव शामिल थे. यह सभी बातें यस बैंक की क्रेडिट पॉलिसी के उल्लंघन का हिस्सा हैं.

यह मामला सीबीआई (CBI) की दो एफआईआर (FIRs) और नेशनल हाउसिंग बैंक (National Housing Bank), SEBI (सेबी), नेशनल फाइनेंशियल रिपोर्टिंग अथॉरिटी (NFRA) और बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank Of Baroda) द्वारा साझा की गई रिपोर्ट्स के आधार पर बना है.

अन्य कंपनियों पर भी फोकस

इस बीच, देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई (SBI) ने पिछले महीने अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) को फ्रॉड अकाउंट घोषित किया है. हालांकि, हाल ही में केनरा बैंक (Canara Bank) ने बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया है, कि उसने रिलायंस कम्युनिकेशंस के लोन को फ्रॉड घोषित करने का आदेश वापस ले लिया है, क्योंकि कंपनी दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रही है.

कंपनियों की सफाई

रिलायंस पावर और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने अपने-अपने प्रेस रिलीज में कहा कि ईडी की यह कार्रवाई उनकी मौजूदा कारोबारी गतिविधियों, वित्तीय स्थिति, शेयरहोल्डर्स (Shareholders), कर्मचारियों या किसी अन्य हितधारक पर कोई प्रभाव नहीं डालती है.

कंपनियों ने यह भी कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स में जिन लेनदेन की बात की जा रही है, वह  रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) या रिलायंस होम फाइनेंस (RHFL) से जुड़े हुए हैं, और यह मामले 10 साल से भी पुराने हैं.

भले ही रिलायंस पावर और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर से सफाई दी गई है, कि छापेमारी का असर उनके वर्तमान कारोबार पर नहीं पड़ेगा, लेकिन शेयर बाजार में गिरावट यह दिखाती है, कि निवेशकों की चिंता बरकरार है. मामले की जांच फिलहाल जारी है, और ईडी आगे की कार्रवाई कर सकती है.