बेंगलुरु: भारत की सिलिकॉन वैली (Silicon Valley) कहे जाने वाले बेंगलुरु (Bengaluru) में रियल एस्टेट बाजार (Real Estate Market) एक नए बदलाव की दहलीज पर खड़ा है. कोलियर्स (Colliers) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, शहर में चल रहे बुनियादी ढांचे के विकास, विशेष रूप से मेट्रो नेटवर्क (Metro Network) के विस्तार के कारण आने वाले समय में घरों की कीमतों (House Prices) में 40 प्रतिशत तक की भारी वृद्धि देखी जा सकती है. 1990 के दशक से तकनीक के केंद्र के रूप में उभरे इस शहर में अब एक्सप्रेसवे (Expressway), हवाई अड्डे के विस्तार (Airport Expansion) और नई मेट्रो लाइनों (New Metro Lines) ने निवेश के नए गलियारे खोल दिए हैं. यह भी पढ़ें: Palghar MHADA Homes: मुंबई से सटे पालघर के विरार में म्हाडा घरों की रिकॉर्ड सेल, 152 दिनों में बिके 3,750 फ्लैट; रोजाना 25 खरीदार पहुंच रहे
मेट्रो की पिंक और येलो लाइन बनेगी 'गेम चेंजर'
बेंगलुरु की यातायात संबंधी समस्याओं को कम करने और नए रियल एस्टेट कॉरिडोर विकसित करने में मेट्रो नेटवर्क की भूमिका सबसे अहम मानी जा रही है. रिपोर्ट के अनुसार:
- येलो लाइन: हाल ही में शुरू हुई यह लाइन इलेक्ट्रॉनिक सिटी जैसे प्रमुख रोजगार केंद्रों तक पहुंच को आसान बना रही है.
- पिंक लाइन: आगामी पिंक लाइन से शहर के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में भीड़भाड़ कम होने की उम्मीद है, जिससे इन क्षेत्रों की आवासीय मांग बढ़ेगी.
- ब्लू लाइन: आउटर रिंग रोड को केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से जोड़ने वाली यह लाइन उत्तर बेंगलुरु में विकास की नई संभावनाओं को अनलॉक करेगी.
कार्यालय और आवासीय बाजार में मांग और बढ़त
रिपोर्ट का अनुमान है कि अगले दो वर्षों में सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट (CBD) और इलेक्ट्रॉनिक सिटी जैसे सूक्ष्म बाजारों में कार्यालय स्थान (Office Space) की मांग 70 लाख वर्ग फुट तक पहुंच सकती है. इसके कारण कार्यालयों के किराए में 5-10 प्रतिशत की वृद्धि की संभावना है.
आवासीय क्षेत्र में, बेहतर कनेक्टिविटी और डेवलपर्स की बढ़ती सक्रियता के कारण प्रमुख स्थानों पर कीमतों में 30 से 40 प्रतिशत तक का उछाल आ सकता है. लोग अब उन इलाकों में घर लेना पसंद कर रहे हैं जो मेट्रो स्टेशनों के करीब हैं. यह भी पढ़ें: मुंबई में घर खरीदना सपना ही रह जाएगा? दुबई जितनी हो गई कीमतें, अब 109 साल की बचत से मिलेगा एक फ्लैट
औद्योगिक और वेयरहाउसिंग क्षेत्र में भी तेजी
केवल आवासीय ही नहीं, बल्कि औद्योगिक और वेयरहाउसिंग क्षेत्र में भी 10-20 लाख वर्ग फुट की मांग रहने की उम्मीद है. बोम्मासंद्रा, जिगनी और हारोहल्ली जैसे क्लस्टर्स में बेहतर लॉजिस्टिक्स और कार्यबल की आवाजाही सुगम होने के कारण यह तेजी देखी जा रही है.
बेंगलुरु में वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक तकनीकी प्रतिभा उपलब्ध है, जो बहुराष्ट्रीय कंपनियों और स्टार्टअप्स को आकर्षित करती है. बुनियादी ढांचे पर आधारित यह विकास शहर की स्थिति को एक उच्च-विकास वाले रियल एस्टेट बाजार के रूप में और अधिक मजबूत करेगा.













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