कश्मीरी पंडितों को आज भी डराता है जनवरी 1990 का खौफनाक वक्त
जनवरी 1990 में उस भयानक रात के बाद श्रीनगर में अपना घर छोड़ने के बाद 70 साल के अवतार कृष्ण रैना के लिए दुनिया पहले जैसी नहीं रही. उन दिनों को याद करते हुए रैना कहते हैं, मुझे नहीं लगता था कि पुराने घाव कभी इतने लंबे समय तक इतनी गहरी चोट पहुंचा सकते हैं. इसके बाद आम कश्मीरी के लिए फिर चाहे वो हिंदू हों या मुस्लिम, उनके लिए दुनिया फिर कभी पहले जैसी नहीं रही.