विदेश की खबरें | जलवायु ही नहीं - हम पृथ्वी की अधिकांश हदें पार कर चुके, अब बचना है तो थमना होगा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. कैनबरा, दो जून (द कन्वरसेशन) एक समय लोगों का मानना था कि ग्रह हमेशा हमें समायोजित कर सकता है। पृथ्वी प्रणाली के लचीलेपन का मतलब है कि प्रकृति हमेशा हमें देती ही रहेगी। लेकिन अब हम जानते हैं कि ऐसा जरूरी नहीं है। दुनिया जितनी बड़ी है, हमारा प्रभाव भी उतना ही बड़ा है।