Nitish Kumar Elected JDU President: नीतीश कुमार को जेडीयू में फिर बड़ी जिम्मेदारी, निर्विरोध चुने गए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को एक बार फिर निर्विरोध रूप से जनता दल (यूनाइटेड) का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया है. पार्टी के संगठनात्मक चुनावों के तहत सोमवार को नामांकन वापसी की समय सीमा समाप्त होने के साथ ही यह स्पष्ट हो गया कि उनके सामने कोई अन्य उम्मीदवार मैदान में नहीं था
Nitish Kumar Elected JDU President: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) को एक बार फिर निर्विरोध रूप से जनता दल (यूनाइटेड) का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया है. पार्टी के संगठनात्मक चुनावों के तहत सोमवार को नामांकन वापसी की समय सीमा समाप्त होने के साथ ही यह स्पष्ट हो गया कि उनके सामने कोई अन्य उम्मीदवार मैदान में नहीं था. हाल ही में राज्यसभा सदस्य के रूप में निर्वाचित होने के बाद नीतीश कुमार का दोबारा अध्यक्ष बनना उनके राष्ट्रीय राजनीति में बढ़ते सक्रियता के संकेतों के रूप में देखा जा रहा है.
किसी अन्य ने नहीं किया नामांकन
जेडीयू के केंद्रीय कार्यालय के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए केवल नीतीश कुमार के नाम का ही प्रस्ताव आया था. पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने दिल्ली में चुनाव अधिकारी के समक्ष नीतीश कुमार का नामांकन पत्र दाखिल किया था. नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 22 मार्च थी और 24 मार्च तक नाम वापस लेने का समय था. किसी अन्य दावेदार के सामने न आने के कारण उन्हें औपचारिक रूप से चौथी बार (पूर्ण कार्यकाल के लिए) अध्यक्ष चुन लिया गया है. यह भी पढ़े: Bharat Ratna Demand For Nitish Kumar: नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की उठी मांग, JDU नेता केसी त्यागी ने PM मोदी को लिखी चिट्ठी
राज्यसभा चुनाव और नई भूमिका
नीतीश कुमार हाल ही में 16 मार्च 2026 को बिहार से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं. जानकारों का मानना है कि अब वे मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारियों से धीरे-धीरे मुक्त होकर राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी के संगठन और गठबंधन की रणनीतियों पर ध्यान केंद्रित करेंगे. पार्टी के भीतर भी उनके नेतृत्व को लेकर सर्वसम्मति है, जो आगामी चुनावों के मद्देनजर संगठन की स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
जेडीयू में नेतृत्व और स्थिरता
नीतीश कुमार का दोबारा अध्यक्ष चुना जाना यह दर्शाता है कि जेडीयू फिलहाल नेतृत्व परिवर्तन के पक्ष में नहीं है. दिसंबर 2023 में ललन सिंह के इस्तीफे के बाद नीतीश कुमार ने पार्टी की कमान संभाली थी. अब राज्यसभा सांसद के रूप में उनके पास दिल्ली और पटना के बीच समन्वय बिठाने और विपक्षी खेमे के मुकाबले अपनी पार्टी की स्थिति मजबूत करने का बड़ा अवसर होगा.
आगे की राह और शपथ ग्रहण
नीतीश कुमार अगले महीने राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ले सकते हैं. पार्टी सूत्रों का कहना है कि अध्यक्ष के रूप में उनकी प्राथमिकता अब संगठन को बूथ स्तर पर मजबूत करना और भविष्य के राजनीतिक उत्तराधिकार की जमीन तैयार करना होगी. उनके साथ संजय कुमार झा और अन्य वरिष्ठ नेता संगठन के कार्यों में अहम भूमिका निभाते रहेंगे.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 24, 2026 12:32 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

