मुंबई, 15 जुलाई बड़ी संख्या में युवा पेशेवर रोजगार बाजार में प्रासंगिक बने रहने में कृत्रिम मेधा (एआई) की अहमियत को समझते हुए इस क्षेत्र में अपना कौशल बढ़ाने के लिए तैयार हैं। शनिवार को जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
रोजगार और पेशवर नेटवर्किंग मंच अपनाडॉटको की एक रिपोर्ट के अनुसार, अध्ययन में शामिल लगभग 80 प्रतिशत प्रतिभागियों को लगता है कि एआई में कुशलता हासिल करने से उन्हें प्रतिस्पर्धी बढ़त मिल सकती है और उनके लिए रोजगार के रोमांचक अवसर के दरवाजे खुल जाएंगे।
यह रिपोर्ट अपनाडॉटको की ओर से जून में किए गए एक ऑनलाइन अध्ययन पर आधारित है। इसमें 18-35 आयु वर्ग के लगभग 5,000 युवा पेशेवर शामिल हुए थे।
रिपोर्ट कहती है कि 65 प्रतिशत युवा पेशेवरों ने डिजिटल विपणन क्षेत्र में कौशल बढ़ाने में रुचि दिखाई।
डिजिटल मार्केटिंग की बढ़ती प्रासंगिकता आज के रोजगार बाजार में इसके महत्व को उजागर करती है। प्रतिभागियों ने मौजूदा दौर में व्यवसाय वृद्धि को तेज करने और लक्षित दर्शकों तक पहुंचने में इसके महत्व को पहचाना है।
अपनाडॉटको के संस्थापक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी निर्मित पारिख ने कहा, “यह रिपोर्ट बदलते कामकाजी माहौल में उभरती प्रौद्योगिकियों के साथ खुद को कुशल बनाने के महत्व को तेजी से पहचान रहे भारतीय युवाओं की कोशिश को दर्शाती है।”
रिपोर्ट में 10 में से सात उत्तरदाताओं ने व्यक्तिगत और व्यावसायिक विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाते हुए कौशल विकास की दिशा में सक्रिय कदम उठाए हैं। यह सक्रिय दृष्टिकोण युवा पेशेवरों के बीच जागरूकता दिखाता है कि प्रतिस्पर्धी बने रहने और रोजगार के अवसरों को हासिल करने के लिए कौशल विकास जरूरी है।
इसमें कहा गया कि पारिवारिक और निजी प्रतिबद्धताओं के साथ-साथ आर्थिक दबावों के कारण कुछ पेशेवर कौशल विकास कार्यक्रमों का हिस्सा नहीं बन पाते हैं।
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