देश की खबरें | पश्चिम बंगाल: गृह-पृथकवास में रह रहे मरीजों पर निगरानी के लिए 17,000 चिकित्सकों की होगी नियुक्ति
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

कोलकाता, 30 अक्टूबर पश्चिम बंगाल सरकार गृह-पृथकवास में रह रहे कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की स्थिति पर निगरानी रखने के लिए 17,000 से अधिक चिकित्सकों को नियुक्त करेगी। हाल ही में खबरें सामने आयीं थीं कि लोग शुरुआती दिक्कतों को अनदेखा कर केवल हालत बिगड़ने पर ही चिकित्सकों से संपर्क कर रहे हैं, जिस पर संज्ञान लेते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है।

एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

यह भी पढ़े | NEET Quota: तमिलनाडु गवर्नर ने मेडिकल एडमिशन में सरकारी स्कूल के छात्रों को 7.5% आरक्षण देने का बिल किया पास.

स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि फिलहाल राज्य में 97,613 लोग अपने घरों में पृथकवास में हैं। उन पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियुक्त टेली-कॉलर निगरानी रख रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह पाया गया था कि कई मरीज अपने स्वास्थ्य प्रोटोकॉल का अनुपालन नहीं कर रहे हैं और केवल हालत बिगड़ने पर ही चिकित्सकों से संपर्क कर रहे हैं। इसलिए हमने गृह-पृथकवास में रह रहे लोगों की निशुल्क सहायता के लिए और चिकित्सकों की नियुक्ति का फैसला किया है।

यह भी पढ़े | दिल्ली: आप विधायक आतिशी ने कालकाजी में ‘सेफ्टी फर्स्ट सर्वे‘ शुरू किया.

राज्य के स्वास्थ्य विभाग, कोलकाता, हावड़ा, हुगली, उत्तर और दक्षिण 24 परगना जिलों के नगर निगम अधिकारियों और वहां के इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के स्वास्थ्य विभागों के प्रतिनिधियों के बीच हुई ऑनलाइन बैठक में यह फैसला लिया गया।

अधिकारी ने कहा कि आईएमए शनिवार से स्थानीय डॉक्टरों को प्रशिक्षण देना शुरू कर देगा। स्थानीय नगर निकाय एक सूची तैयार करेगा और प्रत्येक डॉक्टर को गृह-पृथकवास में रह रहे एक मरीज या एक परिवार की जिम्मेदारी सौंपा जायेगा और वे उनके स्वास्थ्य पर निगरानी करेंगे।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)