जरुरी जानकारी | वर्व रिन्यूबल्स हरियाणा मे बिजली पैदा करने के लिये 1.50 लाख टन कृषि अवशेष एकत्रित करेगी

नयी दिल्ली, 24 नवंबर वर्व रिन्यूबल्स ने मंगलवार को कहा कि वह हरियाणा में बिजली संयंत्रों द्वारा विद्युत उपादन के लिये 1,50,000 टन कृषि अवशेष एकत्रित करेगी।फिलहाल कंपनी पंजाब और हरियाणा में 50,000 एकड़ से अधिक जमीन से पुआल (पराली) खरीद रही है। कंपनी इस पराली को नरायणगढ़ सुगर मिल में 20 मेगावाट क्षमता के ‘को-जनरेशन’ (ऊष्मा और बिजली उत्पादन एक साथ) बिजली संयंत्र को ‘बॉयलर’ चलाने के लिये दे रही है।

कंपनी ने एक बयान में कहा, ‘‘वर्व रिन्यूबल्स ने बिजली संयंत्रों द्वारा बिजली उत्पादन के लिये 1,50,000 टन कृषि अवशेष एकत्रित करने का संकल्प किया है।’’

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बयान के अनुसार नरायणगढ़ सुगर मिल बिजली संयंत्र के पास वर्व रिन्यूबल्स की विशेषज्ञता के साथ 75,000 एकड़ भूमि से प्राप्त पुआल का उपयोग बिजली उत्पादन में करने की क्षमता है। इससे वायु प्रदूषण और पर्यावरण क्षरण पर अंकुश लगेगा।

कंपनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और सह-संस्थापक एस खन्ना ने कहा, ‘‘पंजाब और हरियाणा में हर साल 3 करोड़ टन धान के डंठल जलाये जाते हैं। वर्व रिन्यूबल्स ने धान के डंठल और पराली जलाये जाने पर लगाम लगाने के इरादे से योजना बनायी है जो पूरे उत्तर भारत में पर्यावरण के लिहाज से गंभीर समस्या बन गयी है।’’

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परिचालन के पहले साल वर्व रिन्यूबल्स 75,000 टन कृषि अवशेष एकत्रित करने में सफल रही है। कंपनी से जुड़े किसानों को पुआल के लिये प्रति टन 2,000 रुपये का भुगतान किया गया।

कंपनी ने अब और ‘को-जनरेशनल’ बिजली संयंत्रों तथा अन्य निजी उपयोग वाले औद्योगिक संयंत्रों को जोड़ने का निर्णय किया है। इसके तहत कंपनी 2024 तक 10 लाख टन कृषि अवशेष एकत्रित करेगी जिसका उपयोग बड़ी मात्रा में बिजली उत्पादन में किया जाएगा।

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