चेक गणराज्य की 24 वर्षीय खिलाड़ी वोंद्रोसोवा ने पिछले साल की उपविजेता और छठी वरीयता प्राप्त जाबेउर को 6-4, 6-4 से हराकर अपना पहला ग्रैंड स्लैम खिताब हासिल किया।
बाएं हाथ से खेलने वाली वोंद्रोसोवा की विश्व रैंकिंग 42 है और वह पिछले 60 वर्षों में विंबलडन में फाइनल में खेलने वाली पहली गैर वरीयता प्राप्त खिलाड़ी बनी थी।
वोंद्रोसोवा दोनों सेट में पिछड़ रही थी लेकिन पहले सेट में उन्होंने लगातार चार अंक बनाकर जीत दर्ज की जबकि दूसरे सेट में अंतिम तीन गेम जीतकर खिताब अपने नाम किया।
यह उनका पहला ग्रैंड स्लैम खिताब है। वह 2019 में फ्रेंच ओपन के फाइनल में हार गई थी।
जाबेउर तीसरी बार ग्रैंड स्लैम फाइनल में हारी है। ट्यूनीशिया की यह 28 वर्षीय खिलाड़ी किसी ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचने वाली पहली अरब महिला और उत्तरी अफ्रीका की एकमात्र महिला खिलाड़ी है।
वह पिछले साल ऑल इंग्लैंड क्लब में इलेना रायबाकिना से जबकि अमेरिकी ओपन में इगा स्वियातेक से हार गई थी।
टूर्नामेंट शुरू होने से पहले यह कल्पना करना भी मुश्किल था कि वोंद्रोसोवा चैंपियन बनेगी।
वर्तमान टूर्नामेंट से पहले विंबलडन में उनका रिकॉर्ड 1-4 था लेकिन इस बार उन्होंने लगातार सात मैच जीतकर खिताब अपने नाम किया। वह चोटिल होने के कारण पिछले साल विंबलडन में भाग नहीं ले पाई थी।
वोंद्रोसोवा चोटिल होने के कारण पिछले साल अप्रैल से अक्टूबर तक बाहर रही थी और 2022 के आखिर में उनकी विश्व रैंकिंग 99 पहुंच गई थी।
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