युगांडा में गैर-न्यायिक हत्याओं सहित मानवाधिकारों के उल्लंघन और कुछ समलैंगिक कृत्यों के लिए मौत की सजा का प्रावधान करने वाले नए कानून पर चिंता के बीच संयुक्त राष्ट्र का मानवाधिकार कार्यालय बंद हो रहा है।
कंपाला स्थित कार्यालय औपचारिक रूप से शनिवार को कामकाज बंद कर देगा, जबकि गुलु और मोरोटो में उप-कार्यालय क्रमश: 30 जून और 31 जुलाई को बंद हो जाएंगे।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने जिनेवा से एक बयान में कहा, ‘‘मुझे खेद है कि युगांडा में हमारे कार्यालय को 18 वर्षों के बाद बंद करना पड़ा। इस दौरान हम युगांडा में नागरिक समाज, जीवन के विभिन्न क्षेत्रों के लोगों के साथ मिलकर काम करने में सक्षम रहे। साथ ही सभी युगांडावासियों के मानवाधिकार के प्रचार और संरक्षण के लिए राज्य संस्थानों के साथ जुड़े।’’
जिस समझौते के तहत कार्यालय संचालित होता था, मेजबान देश ने उसे नवीनीकृत नहीं किया और सरकार के इस निर्णय के कारण इसे बंद किया गया।
तुर्क के कार्यालय ने कहा कि मानवाधिकार रक्षकों, पत्रकारों और अन्य लोगों के लिए ‘‘बढ़ते शत्रुतापूर्ण माहौल’’ को देखते हुए उन्होंने 2026 में चुनावों से पहले युगांडा की स्थिति के बारे में चिंता व्यक्त की थी।
उन्होंने कहा कि दो साल पहले ‘‘मनमाने ढंग से निलंबित’’ किए गए 54 गैर-सरकारी संगठनों में से अधिकांश अब भी बंद हैं।
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