Two Years of COVID: विश्वविद्यालयों के वित्त और कर्मचारियों पर क्या रहा इसका प्रभाव
महामारी के दो साल, 2020 और 2021 में ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालय के वित्त और स्टाफ पर कोविड-19 का वास्तव में क्या प्रभाव पड़ा है? हमारे हाल ही में प्रकाशित शोध से पता चलता है कि प्रभाव पूरे क्षेत्र में बहुत भिन्न हैं. हालांकि, ऐसा लगता है कि कर्मचारियों की कटौती कुल वित्तीय नुकसान के अनुपात में नहीं है.
मेलबर्न, 9 दिसंबर : महामारी के दो साल, 2020 और 2021 में ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालय के वित्त और स्टाफ पर कोविड-19 का वास्तव में क्या प्रभाव पड़ा है? हमारे हाल ही में प्रकाशित शोध से पता चलता है कि प्रभाव पूरे क्षेत्र में बहुत भिन्न हैं. हालांकि, ऐसा लगता है कि कर्मचारियों की कटौती कुल वित्तीय नुकसान के अनुपात में नहीं है. महामारी के इन दो वर्ष में विश्वविद्यालय के लगभग 10% कर्मचारियों (पूर्णकालिक के समान शर्तों में) ने अपनी नौकरी खो दी. हालांकि यह मोटे तौर पर 2020 में फीस और शुल्क आय के नुकसान से मेल खाता है, कुल राजस्व में केवल 5% की गिरावट आई है. राजस्व पर महामारी का प्रभाव आमतौर पर अनुमान से कम रहा है. ऑस्ट्रेलिया के लगभग आधे सार्वजनिक विश्वविद्यालयों को मध्यम से उच्च वित्तीय प्रभावों का सामना करना पड़ा. 2020 में आठ विश्वविद्यालयों में वृद्धि हुई या अनिवार्य रूप से कुल आय 2019 के समान ही रही.
इससे आगे देखें तो, अन्य राजस्व में प्रत्याशित वृद्धि अंतरराष्ट्रीय छात्र राजस्व में और गिरावट की भरपाई करती है. कोविड ने एक दशक के विकास को रोक दिया 2010 से 2019 तक, घरेलू छात्र नामांकन में 27% और विदेशी छात्रों के नामांकन में 56% की वृद्धि हुई. निरंतर संचालन से कुल वार्षिक राजस्व 2019 में 65% बढ़कर लगभग 37 अरब डॉलर हो गया. राजस्व के हिस्से के रूप में, छात्र एचईसीएस भुगतान सहित सरकारी वित्तीय सहायता, 56% से घटकर 49% हो गई. फीस और शुल्क से राजस्व 23% से बढ़कर 32% हो गया. 2019 के अंत तक, विश्वविद्यालयों की कुल पूंजी 61.5 अरब डॉलर थी. महामारी की वित्तीय चुनौतियों का प्रबंधन करने के लिए कई विश्वविद्यालयों के पास एक मजबूत बफर नहीं था, लेकिन सभी के साथ ऐसा नहीं था. 2020 के मध्य में, पहली लहर के दौरान लगाए गए लॉकडाउन और सीमाएं बंद होने के बीच, कई टिप्पणीकारों ने अनुमान लगाया कि अंतर्राष्ट्रीय छात्र नामांकन पर प्रभाव वास्तविक 2020 के परिणाम से भी बदतर होगा. हमने 2020 में 3.5 अरब डॉलर की शुल्क हानि की भविष्यवाणी की थी. यह 1.16 अरब डॉलर रहा - शुल्क आय में 10% की कमी दर्ज की गई.
फरवरी 2021 में, यूनीवर्सिटीज ऑस्ट्रेलिया ने घोषणा की कि विश्वविद्यालयों को 2020 के लिए राजस्व में 1.8 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है और 2021 में दो अरब डॉलर के नुकसान का सामना करना पड़ा है. अगस्त 2021 में, संघीय शिक्षा मंत्री एलन टुडगे ने कहा कि इस क्षेत्र ने वर्ष की शुरुआत अपेक्षाकृत मजबूत वित्तीय स्थिति में की थी, जिसमें कुल मिलाकर लगभग 2% का परिचालन अधिशेष था. उन्होंने कहा कि 2019 के रिकॉर्ड स्तर के मुकाबले अंतरराष्ट्रीय छात्र नामांकन 2020 में केवल 5% और 2021 के मध्य तक 12% गिर गया था. कर्मचारियों पर आने वाला व्यय आमतौर पर विश्वविद्यालय के खर्च का 57% हिस्सा होता है. यूनीवर्सिटीज ऑस्ट्रेलिया ने फरवरी 2021 में बताया कि इस दौरान विश्वविद्यालय के कर्मचारियों की कम से कम 17,300 नौकरियां चली गईं. सितंबर 2021 तक ऑस्ट्रेलिया इंस्टीट्यूट के सेंटर फॉर फ्यूचर वर्क ने गणना की कि पांच तृतीयक शिक्षा नौकरियों में से एक को खो दिया गया था - जिसमें सार्वजनिक विश्वविद्यालयों में 35,000 नौकरियां शामिल थीं. यह भी पढ़ें : ताजा खबरें | रास में उठी सेना की एकीकृत थिएटर कमान गठित किए जाने की मांग
प्रभावों के बारे में 6 निष्कर्ष
2020 के परिणाम के बारे में भली भांति जानकारी उपलब्ध है. हालांकि, 2021 और उससे आगे के राजस्व घाटे के बारे में मिश्रित संदेश एक भ्रमित करने वाली तस्वीर बनाते हैं. अपने शोध के आधार पर, हम छह निष्कर्ष प्रस्तुत करते हैं.
1. 2020 में उच्च शिक्षा वित्त पर महामारी का प्रभाव महत्वपूर्ण था लेकिन विनाशकारी नहीं था.
2020 में, कुल राजस्व में 5% या 1.82 अरब डॉलर की गिरावट आई और यह 36 अरब डॉलर हो गया.
फीस और शुल्क राजस्व (ज्यादातर अंतरराष्ट्रीय छात्र शुल्क) 10% या 1.2 अरब डॉलर गिर गया.
2020 में निवेश राजस्व (1.3 अरब डॉलर) का नुकसान समान था.
बढ़े हुए सरकारी अनुदान और अन्य राजस्व आंशिक रूप से इन नुकसानों की भरपाई करते हैं.
2. व्यक्तिगत विश्वविद्यालयों पर प्रभाव अत्यधिक परिवर्तनशील थे.
2020 में आठ विश्वविद्यालयों में वृद्धि हुई या अनिवार्य रूप से कुल आय 2019 की तरह थी. इनमें तीन दक्षिण ऑस्ट्रेलियाई सार्वजनिक विश्वविद्यालय, चार क्षेत्रीय विश्वविद्यालय और एक एसीयू के रूप में बहुराज्य विश्वविद्यालय शामिल हैं. चार्ल्स डार्विन विश्वविद्यालय ने सबसे अधिक 7.5% की राजस्व वृद्धि की सूचना दी.
दस विश्वविद्यालयों ने 8% से अधिक राजस्व हानि की सूचना दी. चार क्षेत्रीय थे, दो ग्रुप आफ ऐट में थे और तीन विक्टोरिया में थे, जो 2020 में लॉकडाउन से सबसे अधिक प्रभावित राज्य था. एएनयू ने 17.4% के साथ सबसे अधिक राजस्व हानि की सूचना दी.
बड़े विश्वविद्यालयों में, मोनाश असाधारण रहा. कम अंतरराष्ट्रीय छात्र नामांकन के बावजूद इसे केवल 1.6% की राजस्व हानि उठानी पड़ी और फीस तथा शुल्क राजस्व में 2.9% की वृद्धि हुई थी.
हमारा निष्कर्ष है कि महामारी का दस विश्वविद्यालयों पर उच्च वित्तीय प्रभाव पड़ा और अन्य दस पर मध्यम प्रभाव पड़ा.
3. अंतर्राष्ट्रीय छात्र नामांकन और उसपर आधारित फीस और शुल्क राजस्व 2021 में 2020 की तुलना में बहुत तेजी से घट रहा है.
सितंबर 2021 तक, कॉमनवेल्थ के प्रदाता पंजीकरण और अंतर्राष्ट्रीय छात्र प्रबंधन प्रणाली (पीआरआइ्रएसएमएस) डेटाबेस से पता चलता है :
अंतर्राष्ट्रीय छात्र नामांकन 2020 की तुलना में 24% और 2019 की तुलना में 41% तक गिर गया.
संख्या के लिहाज से तुलना करें तो सभी अंतरराष्ट्रीय नामांकनों में 2020 के मुकाबले 13% और 2019 के मुकाबले 17% की गिरावट आई.
4. 2021 में अन्य राजस्व में अनुमानित वृद्धि अंतरराष्ट्रीय छात्र राजस्व में और गिरावट के खिलाफ एक मजबूत आधार प्रदान करेगी.
2020 में सरकारी अनुदान, छात्र एचईसीएस भुगतान और अन्य आय से विश्वविद्यालय के राजस्व में 3% की वृद्धि हुई. हम उम्मीद करते हैं कि जॉब-रेडी ग्रेजुएट पैकेज और अन्य स्रोत विश्वविद्यालयों को 2021 में इन स्रोतों से कम से कम 5%, या 1.1 अरब डॉलर राजस्व बढ़ाने में सक्षम करेंगे.
राष्ट्रमंडल ने 2021 में अनुसंधान निधि में अतिरिक्त एक अरब डॉलर का आवंटन भी किया.
जैसा कि दिसंबर 2020 से वित्तीय बाजारों में काफी सुधार हुआ है, निवेश राजस्व की उम्मीद की जा सकती है (यदि फिर कोई बड़ा व्यवधान न आए तो) और इसके कम से कम 2019 के 1.3 अरब डॉलर के स्तर पर लौटने की उम्मीद है.
उपरोक्त तीनों मद संयुक्त रूप से 3.4 अरब डॉलर की वृद्धि का संकेत देते हैं.
हमारा निष्कर्ष है कि 37 में से 28 सार्वजनिक विश्वविद्यालय 2020 की तुलना में 2021 में अधिक शुल्क घाटे को सहन कर सकते हैं और अभी भी उनकी कुल आय अधिक है.
5. यदि सीमाएं फिर से खुलती हैं और अंतर्राष्ट्रीय छात्र 2022 में सेमेस्टर एक के लिए लौटते हैं, तो राजस्व हानि संभवतः 2021 और 2022 में कम हो जाएगी.
2022 के दौरान अंतरराष्ट्रीय छात्रों के नामांकन में विश्वविद्यालयों के अत्यधिक लचीले होने की उम्मीद है. इससे पता चलता है कि नामांकन कराने वाले छात्रों की संख्या की तुलना में पाठ्यक्रम पूरा करने वालों की संख्या उत्तरोत्तर कम हो जाएगी.
2022 में फीस और शुल्क राजस्व में कोई भी अतिरिक्त नुकसान घरेलू नामांकन में वृद्धि से होने वाले राजस्व से दूर होने की संभावना है.
संभावित राजस्व प्रभावों का आकलन करने में कोविड-19 के नये वेरिएंट को लेकर आ रही सूचनाएं एक महत्वपूर्ण जोखिम बनी हुई हैं.
6. कर्मचारियों के स्तर पर प्रभाव असमान रूप से प्रतीत होता है, आकस्मिक और निश्चित अवधि के अनुबंधों पर कार्यरत कर्मचारियों के साथ यह प्रभाव सबसे अधिक प्रतीत होता है.
महामारी से पहले, विश्वविद्यालय के कर्मचारियों की संख्या कुल 137,575 पूर्णकालिक के समान (एफटीई) पदों पर थी. एफटीई के संदर्भ में, कुछ 95,500 पूर्णकालिक कर्मचारी थे, 17,205 आंशिक पूर्णकालिक और 24,873 आकस्मिक थे.
हमने सात विक्टोरियन विश्वविद्यालयों (ऐसा डेटा प्रदान करने वाले एकमात्र) द्वारा वार्षिक रिपोर्टिंग के आधार पर दिसंबर 2020 तक खोई गई नौकरियों की संख्या का आकलन किया. ये आंकड़े बताते हैं कि 2020 के अंत तक पूरे क्षेत्र में 20,000 नौकरियों (7000 एफटीई के बराबर)का नुकसान हुआ सेंटर फॉर फ्यूचर वर्क, एबीएस डेटा का उपयोग करते हुए, बाद में गणना की गई कि सार्वजनिक विश्वविद्यालयों की नौकरी का नुकसान बढ़कर 35,000 हो गया था. विक्टोरियन डेटा का विश्लेषण करते हुए, यह लगभग 14,000 एफटीई पदों या एफटीई आधार पर कार्यबल का 10% होगा. नौकरियों में और पूर्णकालिक समकक्ष संख्या के बीच का अंतर बताता है कि नौकरी के नुकसान के मामले में आकस्मिक, निश्चित-अवधि और अंशकालिक कर्मचारियों को सबसे अधिक प्रभाव का सामना करना पड़ा.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 09, 2021 12:18 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

