प्रवासी उत्तराखंडियों के घर जाने का विरोध करने पर दो गिरफ्तार, 10 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज
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तहसीलदार डबल सिंह रावत ने बताया कि आरोपी प्रवासी उत्तराखंडियों के गांव लौटने का विरोध कर रहे थे। उन्होंने बताया कि दस अन्य 10 व्यक्ति अभी फरार हैं ।

उन्होंने बताया कि कल शनिवार सांय देहरादून से लॉकडाउन में फंसे यात्रियों को लेकर परिवहन निगम की बसें कोटद्वार पहुंची थीं, दशहरा मैदान ग्रास्टनगंज में स्वास्थ्य परीक्षण के बाद यात्रियों को प्रशासन ने उनके घरों के लिए परिवहन निगम की बसों से रवाना किया।

रावत ने बताया कि करीब सात बजे कोटद्वार से यमकेश्वर-कोटद्वार मोटर मार्ग पर पडने वाले विभिन्न गांवों के 21 यात्रियों को लेकर बस यमकेश्वर के लिए रवाना हुई। रात्रि करीब नौ बजे बस पौखाल बाजार में पहुंची जहां पौखाला बाजार निवासी विनोद और सुनील समेत 10 अज्ञात लोगों ने बस को रोक लिया और आगे नहीं जाने दिया।

चालक-परिचालक ने उन्हें समझाने का प्रयास किया तो वह उनके साथ गाली-गलौज करने लगे। इसी दौरान मौके पर मौजूद राजस्व उपनिरीक्षक शिवदत्त नौटियाल बीच बचाव में आये तो इन लोगों ने उनके साथ भी मारपीट की।

घटना की सूचना मिलने पर तहसीलदार डबल सिंह रावत पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और विरोध कर रहे लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने । इस पर पुलिस ने विनोद और सुनील को गिरफ्तार कर लिया।

इस दौरान करीब दस अज्ञात लोग मौके से फरार हो गये। तहसीलदार रावत ने बताया कि विनोद, सुनील को गिरफतार कर लिया तथा 10 अन्य अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

उन्होंने बताया कि बस में बैठे यात्रियों को उनके घर भेज दिया गया है। दुगड्डा पुलिस चौकी प्रभारी ओमप्रकाश ने बताया कि पौखाल पहुंचने तक बस में तीन यात्री और चालक-परिचालक ही बैठे हुए थे और 18 यात्री पहले ही अपने—अपने गांवों के पास उतर गये थे।

सं दीप्ति

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