राष्ट्रपति ने नाटो महासचिव मार्क रूट के साथ ‘ओवल ऑफिस’ में बैठक के दौरान यह घोषणा की। ट्रंप ने कहा, "अगर 50 दिन में कोई समझौता नहीं हुआ तो हम बहुत कड़े शुल्क लगाएंगे।" उन्होंने यह नहीं बताया कि शुल्क कैसे लागू किए जाएंगे।
ट्रंप ने कहा, "मैं व्यापार का इस्तेमाल कई चीज़ों के लिए करता हूं। लेकिन युद्धों के समाधान के लिए यह बहुत अच्छा कदम है।"
रूट अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ से भी मुलाकात करेंगे।
ट्रंप लंबे समय से पुतिन के साथ अपने मैत्रीपूर्ण संबंधों का बखान करते रहे हैं, और जनवरी में पदभार ग्रहण करने के बाद से उन्होंने कई बार कहा है कि यूक्रेन से ज़्यादा रूस शांति समझौते के लिए इच्छुक है। साथ ही, ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की पर युद्ध को लंबा खींचने का आरोप लगाया और उन्हें "तानाशाह" कहा। हालांकि, यूक्रेन के आवासीय इलाकों पर रूस के लगातार हमलों के बाद ट्रंप ने रूस पर निशाना साधा है।
इस बीच, यूक्रेन और रूस के लिए ट्रंप के विशेष दूत ने सोमवार को कीव में यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से मुलाकात की।
जेलेंस्की ने कहा कि उन्होंने और ट्रंप के दूत, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल कीथ केलॉग ने यूक्रेनी वायु रक्षा को मजबूत करने, संयुक्त हथियार उत्पादन और यूरोपीय देशों के साथ मिलकर अमेरिकी हथियारों की खरीद के साथ-साथ रूस पर कड़े अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों की संभावना के बारे में "सार्थक बातचीत" की।
जेलेंस्की ने ‘टेलीग्राम’ पर कहा, "हमें अमेरिका के नेतृत्व से उम्मीद है, क्योंकि यह स्पष्ट है कि रूस तब तक नहीं रुकेगा जब तक उसकी महत्वाकांक्षाओं को बलपूर्वक नहीं रोका जाता।"
रूस ने राजधानी कीव सहित यूक्रेन के शहरों पर सैकड़ों ड्रोन और क्रूज तथा बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया है, जिनका मुकाबला करने में यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली को काफी संघर्ष करना पड़ रहा है।
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