नयी दिल्ली, 29 जून भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने सोमवार को दूरसंचार उपकरणों के घरेलू विनिर्माण और डिजिटल क्षेत्र में संप्रभुता की जोरदार वकालत की।
नियामक ने इस क्षेत्र में घरेलू कंपनियों को अवसर प्रदान करने के महत्व पर जोर दिया और डिजिटल बुनियादी ढांचे में निवेश पर ध्यान देने का आह्वान किया।
ट्राई के अध्यक्ष आर एस शर्मा ने उद्योग संगठन पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) द्वारा आयोजित एक वेबिनार ‘कोविड-19 के समय में दूरसंचार’ में कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स और स्थानीय हैंडसेट निर्माण से संबंधित सरकारी नीतियों ने काफी फायदा पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से दूरसंचार उपकरणों के घरेलू विनिर्माण को आगे बढ़ाने और मूल्य संवर्धन सुनिश्चित करने के लिये अधिक प्रयास करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कीमतें बढ़ाने से पहले घरेलू उद्योग को तबाह करने के लिये कुछ देशों की ओर से डंपिंग रणनीतियों के खिलाफ सतर्क किया और कहा कि ऐसी रणनीति का तरजीही बाजार पहुंच नीति के साथ मुकाबला करने की आवश्यकता है।
यह भी पढ़े | Coronavirus: पीएम नरेंद्र मोदी ने फिर किया आयुर्वेद को अपनाने का आह्वान, जानें क्या है डॉक्टर की सलाह.
उन्होंने कहा, "अंततः कुछ देशों की रणनीतियां हैं, जहाँ वे वास्तव में चीजों को डंप करते हैं और वे घरेलू उद्योग को मारने की कोशिश करते हैं, फिर वे कीमतें बढ़ाते हैं। अनिवार्य रूप से हमें इस रणनीति को महसूस करने की आवश्यकता है और हमें तरजीही बाजार पहुंच नीति को उचित रूप से देने की आवश्यकता है।’’
शर्मा ने हार्डवेयर, सिग्नल उपकरण, फाइबर और अन्य उपकरणों के घरेलू निर्माताओं को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिये स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने की आवश्यकता है। दूरसंचार एक "संवेदनशील क्षेत्र" होने के नाते भारत के लिये सूचना सुरक्षा के मामले में संप्रभु बनने के लिये जरूरी है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)











QuickLY