देश की खबरें | टीएमसी बिना किसी नियम के पश्चिम बंगाल विधानसभा का संचालन कर रही: शुभेंदु अधिकारी

कोलकाता, तीन अगस्त पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने बृहस्पतिवार को कहा कि मुस्लिम वोट बैंक तृणमूल कांग्रेस के हाथ से निकल रहा है जिससे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 'बांटने' की राजनीति का सहारा लेना पड़ा है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता अधिकारी ने विधानसभा में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर राज्य विधानमंडल की कार्यवाही के संचालन के दौरान लोकतांत्रिक मानदंडों का पालन न करने का भी आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, "बालीगंज और सागरदिघी में विधानसभा उपचुनाव के नतीजे आपके (टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी) अल्पसंख्यक वोट बैंक में गिरावट को दर्शाते हैं।"

अधिकारी ने 24 जुलाई से विधानसभा का मानसून सत्र आहूत किए जाने को ''मनमाना'' करार देते हुए कहा कि यह विपक्ष से सलाह किए बिना बुलाया गया है और सत्ता पक्ष अब इसे इसी सप्ताह समाप्त करने की योजना बना रहा है।

अधिकारी ने कहा कि ग्रामीण चुनाव परिणामों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है क्योंकि मामला कलकत्ता उच्च न्यायालय में लंबित है, लेकिन ममता बनर्जी अगस्त के मध्य तक पंचायत बोर्ड स्थापित करना चाहती हैं और इसलिए प्रक्रिया शुरू करने के लिए सदन को स्थगित करना चाहती हैं।

अधिकारी ने कहा, "पूरी प्रक्रिया असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक है, लेकिन टीएमसी सरकार पश्चिम बंगाल में विधान सभा से सचिवालय तक सब कुछ इसी तरह चलाती है।"

अधिकारी की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए, टीएमसी के उप मुख्य सचेतक तापस रॉय ने भाजपा नेता को सलाह दी कि वह पहले इस पर विचार करें कि "मोदी मैजिक" के बिखरने का मुकाबला कैसे किया जाए क्योंकि इस देश के लोग अब "राम मंदिर की राजनीति से" मूर्ख नहीं बनेंगे।

रॉय ने कहा, "लोगों का भाजपा से मोहभंग हो गया है। आने वाले दिनों में कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। और भाजपा को लग रहा है कि उसके पैरों के नीचे से जमीन खिसक रही है। अधिकारी को भाजपा के अन्य नेताओं के साथ चर्चा करनी चाहिए कि बिखराव को कैसे रोका जाए।"

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