भुज, तीन नवंबर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसए) की तीन दिवसीय बैठक गुजरात के भुज में पांच से सात नवंबर तक होगी, जिसमें अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन और देशभर में मंदिर से जुड़े कार्यक्रमों पर चर्चा होगी। संगठन के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा अगले साल 22 जनवरी को होनी है।
आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने भुज में संवाददाताओं से कहा, ‘‘आरएसएस की वार्षिक अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक पांच से सात नवंबर तक यहां होगी। तीन दिवसीय इस बैठक में, 22 जनवरी को अयोध्या में श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह और देशभर में इससे जुड़े प्रस्तावित कार्यक्रमों पर चर्चा होगी।''
आंबेकर ने कहा कि इस अवसर पर देशभर के हर शहर और गांव के विभिन्न मंदिरों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण कार्य में आरएसएस कैसे हिस्सा लेगा, इस पर बैठक में चर्चा की जाएगी। बैठक के बाद सभी स्वयंसेवकों को सूचना दी जाएगी और समाज से एक आह्वान किया जाएगा।
आंबेकर ने कहा कि 2024 में आगामी संघ शिक्षा कक्षा में एक नया पाठ्यक्रम होगा।
बैठक में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के अलावा दत्तात्रेय होसबले, कृष्णगोपाल, डॉ. मनमोहन वैद्य जैसे प्रमुख नेताओं के साथ ही विश्व हिंदू परिषद (विहिप), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी), भारतीय मजदूर संघ और भारतीय किसान संघ जैसे सहयोगी संगठनों के प्रमुख नेता भी शामिल होंगे।
आंबेकर ने कहा, "देशभर से कुल 381 कार्यकर्ता आए हैं। कार्यकारी मंडल की बैठक में पूरे देश का प्रतिनिधित्व होता है। 2025 में आरएसएस के 100वें स्थापना वर्ष को देखते हुए बैठक में इसके विस्तार पर भी विस्तृत चर्चा की जाएगी।"
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