देश की खबरें | लॉकडाउन के बाद कक्षाओं में पढने-पढ़ाने के तरीके में आएगा बदलाव : एचआरडी सचिव
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नयी दिल्ली, पांच जून मानव संसाधन विकास (एचआरडी) स्कूल शिक्षा सचिव अनिता करवाल ने शुक्रवार को कहा कि कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से रोकने के लिए लागू लॉकडाउन हटने के बाद जब स्कूल दोबारा खुलेंगे, तो कक्षाओं में पढ़ने-पढ़ाने के अब तक अपनाए जा रहे तरीके में बदलाव आएगा।

करवाल ने इस बात पर जोर दिया कि कोविड-19 वैश्विक महामारी ने डिजिटल शिक्षा की गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित कर दिया है, जिस पर अभी तरह ध्यान नहीं दिया जा रहा था।

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उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस संकट के कारण देश में 24 करोड़ से अधिक बच्चे प्रभावित होंगे और लॉकडाउन हटने के बाद शिक्षकों एवं छात्रों को बदली परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को ढालना होगा।

करवाल ने अशोका विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित ‘विद्यालयों का भविष्य: कोविड-19 और उसके बाद की चुनौती से निपटना’ विषय पर आयोजित वर्चुअल सम्मेलन में कहा, ‘‘हम जानते हैं कि जब भी स्कूल पुन: खुलेंगे, उन्हें सामाजिक दूरी का पालन करना होगा और कई सावधानियां बरतनी होंगी।’’

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उन्होंने कहा, ‘‘कक्षाओं में पठन-पाठन का तरीका बदलने वाला है और शिक्षकों एवं छात्रों को बदली परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को ढालना होगा। हम यह बात गारंटी के साथ नहीं बता सकते कि शिक्षक एवं छात्र स्वयं को कुछ दिनों में ढाल पाएंगे। कुछ छात्रों को इसमें अधिक समय लग सकता है और कुछ छात्र कम समय में ऐसा कर सकते हैं।’’

मार्च में लॉकडाउन घोषित किए जाने के समय केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की अध्यक्ष रहीं करवाल ने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि शिक्षा जारी रखकर छात्रों की मानसिक तंदुरुस्ती सुनिश्चित की जाए, फिर भले ही शिक्षा ऑनलाइन दी जाए या ऑफलाइन।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम जब ई-लर्निंग पर बल देते हैं तो हमारा ध्यान ई-लर्निंग तक पहुंच पर केंद्रित है। समानता के बिना प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से हमारे सभी छात्रों को प्रभावी शिक्षा नहीं मिल पाएगी।’’

करवाल ने कहा कि इसके अलावा डिजिटल शिक्षा की गुणवत्ता को महत्व देने की आवश्यकता है, जिसे महामारी के आने से पहले नजरअंदाज किया जा रहा था।

उन्होंने स्कूलों को पुन: खोले जाने की योजना के बारे में बताते हुए कहा, ‘‘हम अब पठन-पाठन की पूरी प्रक्रिया, छात्रों को स्कूल बुलाए जाने की प्रक्रिया में बदलाव की कोशिश कर रहे हैं। स्कूलों के प्रवेश एवं निकास द्वारों पर क्या होगा, शिक्षकों की बदली भूमिका क्या होगी... हम इन सब पर काम कर रहे हैं।’’

देश भर में 16 मार्च से विश्वविद्यालय एवं स्कूल बंद हैं।

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