देश की खबरें | भवनों में सुंदरता और मजबूती का सही संतुलन होना चाहिए : नायडू

नयी दिल्ली, 11 जुलाई उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने शनिवार को कहा कि भविष्य में बनने वाले भवनों में सुंदरता और मजबूती का सही संतुलन होना चाहिए। उन्होंने नए ढांचों के पर्यावरण अनुकूल होने के लिए सौर ऊर्जा के इस्तेमाल की भी वकालत की।

भारतीय वास्तुकला संस्थान के समारोह को ऑनलाइन संबोधित करते हुए उन्होंने विशेषज्ञों से अपील की कि वे हरित वास्तुकला को अपनाएं और इसे बढ़ावा दें।

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उपराष्ट्रपति ने नए भवन निर्माण में सुंदरता और मजबूती का सही संतुलन बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

नायडू ने कहा कि भारत में काफी संख्या में स्मारक हैं जिन्हें कारीगरों ने स्थानीय सामग्री और तकनीक से तैयार किया।

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आधिकारिक बयान में कहा गया कि नायडू आत्मनिर्भर एवं समावेशी वास्तुकला का आह्वान करते हुए पेशेवर लोगों से कहा कि वे भारत की विविध वास्तुकलाओं से प्रेरणा लें और पर्यावरण हितैषी डिजाइन और संकल्पना अपनाकर इस विरासत को आगे बढ़ाएं, जो लोगों के लिए बेहतर हो।

उन्होंने भारी बारिश के दौरान शहरों में जल भराव और बाढ़ आने का जिक्र करते हुए प्रभावी निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की।

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