देश की खबरें | हरिद्वार में ड्रग्स के खिलाफ आमरण अनशन पर बैठे युवाओं को मिल रहा व्यापक समर्थन

हरिद्वार, 26 अगस्त उत्तराखंड के हरिद्वार में नशे के खिलाफ तीन दिन से आमरण-अनशन पर बैठे युवाओं को अब समाज के विभिन्न वर्गो का व्यापक समर्थन मिल रहा है ।

युवा जाग्रति विचार मंच के संयोजक मनीष चौहान की अगुवाई में ‘ड्रग्स-मुक्त युवा, ड्रग्स मुक्त समाज’ आंदोलन के समर्थन में शुक्रवार को हरिद्वार नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष कमल जोरा भी क्रमिक अनशन पर बैठे ।

चौहान ने कहा कि हरिद्वार में युवाओं के स्मैक और चरस जैसे नशे की चपेट में आकर अपना भविष्य बर्बाद करने के कई मामले सामने आए हैं और पिछले एक साल में ही एक दर्जन युवा नशे के चक्कर में जान से हाथ धो बैठे ।

उन्होंने कहा कि हरिद्वार के एक गांव में स्मैक के आदी एक युवा की 600 बीघा ज़मीन बिक गयी और उसे अपनी जान से भी हाथ धोना पड़ा। उन्होंने बताया कि एक अनुमान के अनुसार, हरिद्वार मे ही करीब 4000-5000 करोड़ रु प्रति वर्ष का नशे का अवैध कारोबार हो रहा है।

पूर्व भाजपा विधायक संजय गुप्ता ने आरोप लगाया कि हरिद्वार में स्मैक और चरस जैसे नशे का अवैध कारोबार राजनीतिक संरक्षण मे फल-फूल रहा है । उन्होंने कहा कि साल की शुरूआत में हुए विधानसभा चुनावों मे हरिद्वार मे नशा प्रमुख चुनावी मुद्दा बनकर उभरा था।

ड्रग्स के खिलाफ आंदोलनरत युवाओं को अपना समर्थन देते हुए गुप्ता ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी इस बारे में बात की है जिन्होंने हरिद्वार ही नहीं बल्कि पूरे राज्य को नशे से पूरी तरह से मुक्त कराने की बात कही है ।

हाल ही में मुख्यमंत्री के निर्देश पर 2025 तक प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के संकल्प को पूरा करने के लिए पुलिस ने एक अभियान शुरू किया है ।

युवा विचार जाग्रति मंच के युवाओं ने ड्रग्स के खिलाफ कई बार धरना प्रदर्शन आंदोलन किया मगर इसके बाद भी कोई परिणाम न निकलने पर युवाओं ने आमरण अनशन पर बैठने का फैसला किया ।

युवाओं के इस आंदोलन को शहर की सामाजिक संस्थाओं के अलावा साधु-संतों का भी समर्थन मिल रहा है ।

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