तमिलनाडु कांग्रेस में तकरार, प्रदेश प्रमुख ने पार्टी का आंतरिक मामला बताया
तमिलनाडु कांग्रेस समिति में लंबी चुप्पी के बाद पार्टी के प्रदेश नेतृत्व के खिलाफ फिर से विरोध उभरकर सामने आने लगा है और कुछ पदाधिकारियों ने खुलकर अपनी नाराजगी व्यक्त की है. टीएनसीसी के मुख्यालय सत्यमूर्ति भवन में 15 नवंबर को दो विधायकों के समर्थकों के बीच अचानक झड़प ने सभी को हैरत में डाल दिया.
चेन्नई, 20 नवंबर : तमिलनाडु कांग्रेस समिति में लंबी चुप्पी के बाद पार्टी के प्रदेश नेतृत्व के खिलाफ फिर से विरोध उभरकर सामने आने लगा है और कुछ पदाधिकारियों ने खुलकर अपनी नाराजगी व्यक्त की है. टीएनसीसी के मुख्यालय सत्यमूर्ति भवन में 15 नवंबर को दो विधायकों के समर्थकों के बीच अचानक झड़प ने सभी को हैरत में डाल दिया. बहरहाल, टीएनसीसी प्रमुख के. एस. अलागिरी ने बाद में इसे पार्टी का अंदरुनी मामला बताया और कहा कि इसे सुलझा लिया जाएगा. हालांकि, इस घटना ने पार्टी के भीतर अंदरुनी कलह उजागर कर दिया है. पार्टी के थुथुकुडी उत्तर जिले से कांग्रेस अध्यक्ष आर. कामराज ने घटनाओं से निपटने में कोताही के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए पद से इस्तीफा दे दिया.
टीएनसीसी के कोषाध्यक्ष और नंगुनेरी से विधायक रुबी आर. मनोहरन ने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने उन्हें ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया है और वह 24 नवंबर को अनुशासनात्मक समिति के सामने अपनी बात रखेंगे. उन्होंने कहा कि कामराज के समर्थकों ने ही हंगामा किया था, जिसके कारण मामूली झड़प हुई थी. उनके समर्थकों ने कलाक्कड और नंगुनेरी के लिए मंडल अध्यक्षों के चुनावी नतीजों के खिलाफ प्रदर्शन किया था. तिरुनेलवेनी पूर्व जिले से कांग्रेस के अध्यक्ष के. पी. के. जयकुमार की उनके बहस हो गयी थी, जिसके बाद दोनों समूहों के बीच झड़प हुई थी. कामराज ने कहा, ‘‘पार्टी पदों को जिला अध्यक्षों से विचार विमर्श किए बिना भरा गया. मनोहरन के खिलाफ मनमानी कार्रवाई अस्वीकार्य है. कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय के भीतर गुंडों ने पार्टी कार्यकर्ताओं पर हमला किया. प्रदेश अध्यक्ष ने गुंडों के खिलाफ क्या कार्रवाई की?’’ इसे पार्टी का अंदरुनी मामला बताते हुए अलागिरी ने दावा किया, ‘‘नेतृत्व के खिलाफ असंतोष किसी भी राजनीतिक दल में स्वाभाविक है.’’ यह भी पढ़ें : Mainpuri By Election: मैनपुरी में दिखा चाचा और भतीजे के बीच प्यार, अखिलेश ने मंच पर शिवपाल यादव पैर छू कर लिया आशीर्वाद
उन्होंने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा तय प्रक्रिया के अनुसार ही नियुक्तियां की गयीं. नंगुनेरी के विधायक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग करते हुए करीब 62 जिला नेताओं ने एक याचिका पर हस्ताक्षर किए हैं. पूर्व केंद्रीय मंत्री धनुषकोडी अथिथन ने दावा किया, ‘‘हम लोकतांत्रिक तरीके से मुद्दे को हल करने की कोशिश कर रहे हैं. अलागिरी की कार को लोगों ने रास्ते में रोक लिया.’’ तिरुनेलवेली जिले में मनोहरन के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने वाले पोस्टर तथा चिदंबरम में अलागिरी की निंदा करने वाले कुछ पोस्टर ने पार्टी को हैरत में डाल दिया है.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 20, 2022 03:08 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

