Tata Motors News: टाटा-JLR ने तमिलनाडु में खोला मेगा प्लांट, 5,000 युवाओं को मिलेगा रोजगार और सस्ती होंगी लग्जरी कारें
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भारतीय ऑटोमोबाइल क्षेत्र की दिग्गज कंपनी टाटा मोटर्स हाल के दिनों में कई महत्वपूर्ण घटनाक्रमों के कारण सुर्खियों में रही है. एक ओर जहां कंपनी की लक्जरी वाहन इकाई जगुआर लैंड रोवर (JLR) ने तमिलनाडु में एक अत्याधुनिक विनिर्माण संयंत्र का उद्घाटन किया है, वहीं दूसरी ओर दिसंबर तिमाही (Q3 FY26) में कंपनी को शुद्ध घाटा हुआ है. इसके अतिरिक्त, बढ़ती इनपुट लागत के कारण टाटा मोटर्स ने अपनी कारों की कीमतों में वृद्धि की घोषणा भी की है, जो उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है.

JLR का भारत में नया विनिर्माण संयंत्र: एक गेम चेंजर

टाटा मोटर्स के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम के तहत, उसकी सहायक कंपनी जगुआर लैंड रोवर (JLR) ने तमिलनाडु के रानीपेट जिले में एक नया विनिर्माण संयंत्र खोला है. इस संयंत्र में 9,000 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है और यह भारत का पहला ऐसा प्लांट होगा जहां लक्जरी इलेक्ट्रिक एसयूवी सहित प्रीमियम वाहनों को पूरी तरह से निर्मित किया जाएगा, न कि केवल असेंबल किया जाएगा. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन और टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने 9 फरवरी, 2026 को इस 'ग्रीन एनर्जी' प्लांट का उद्घाटन किया. यह पहल भारत में लक्जरी कारों को सस्ता बनाने और प्रतीक्षा समय को कम करने में मदद कर सकती है, जिससे भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में JLR की स्थिति मजबूत होगी.

दिसंबर तिमाही में घाटा: साइबर हमले और वैश्विक चुनौतियों का असर

इन सकारात्मक विकासों के बावजूद, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (TMPV) ने दिसंबर तिमाही (Q3 FY26) में 3,486 करोड़ रुपये का समेकित शुद्ध घाटा दर्ज किया है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 5,406 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था. इस घाटे का मुख्य कारण JLR पर हुए साइबर हमले का लगातार प्रभाव और चुनौतीपूर्ण वैश्विक मांग का माहौल बताया गया है. साइबर घटना के कारण JLR के वॉल्यूम में अनुमानित 30,000 वाहनों की कमी आई। परिचालन से राजस्व में भी 26% की गिरावट आई, जो 70,108 करोड़ रुपये रहा. हालांकि, कंपनी को उम्मीद है कि चालू वित्तीय वर्ष की चौथी तिमाही में प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार होगा.

बढ़ती लागत और कारों की कीमतें

टाटा मोटर्स ने हाल ही में अपनी कारों की कीमतों में वृद्धि की घोषणा की है, जो आने वाले हफ्तों में प्रभावी होगी. कंपनी के प्रबंध निदेशक और सीईओ शैलेश चंद्रा ने बताया कि लगातार बढ़ती कमोडिटी (कच्चे माल) की कीमतों, विशेष रूप से कीमती धातुओं और तांबे की लागत में वृद्धि के कारण यह कदम उठाना आवश्यक हो गया है. इनपुट लागत में इस वृद्धि का कंपनी के राजस्व पर लगभग 2% या उससे अधिक का प्रभाव पड़ा है, जिससे कीमतों में संशोधन अनिवार्य हो गया है। यह घोषणा मारुति सुजुकी द्वारा इसी तरह की मूल्य वृद्धि की घोषणा के बाद आई है, जो पूरे ऑटोमोबाइल उद्योग में बढ़ती लागत के दबाव को दर्शाती है.

बाजार में स्थिति और भविष्य की राह

टाटा मोटर्स भारत में वाणिज्यिक वाहन निर्माण में अग्रणी है और देश के इलेक्ट्रिक वाहन (EV) संक्रमण में भी अग्रणी भूमिका निभा रही है. कंपनी भारतीय EV बाजार में 70% से अधिक हिस्सेदारी रखती है और पिछले वित्तीय वर्ष में 73,844 इलेक्ट्रिक वाहन बेचे हैं. इसके पोर्टफोलियो में जगुआर, रेंज रोवर, डिफेंडर और डिस्कवरी जैसे प्रतिष्ठित लक्जरी ब्रांड भी शामिल हैं. हालांकि, कंपनी के शेयर प्रदर्शन में उतार-चढ़ाव देखा गया है; 9 फरवरी, 2026 को सेंसेक्स से थोड़ा बेहतर प्रदर्शन करने के बावजूद, लंबी अवधि में इसमें गिरावट दर्ज की गई है. कंपनी का P/E अनुपात उद्योग औसत से कम है, जो बाजार में सतर्कता का संकेत देता है.

कुल मिलाकर, टाटा मोटर्स एक गतिशील और चुनौतीपूर्ण बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है. JLR के नए विनिर्माण संयंत्र जैसे रणनीतिक निवेश कंपनी के भविष्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं, खासकर लक्जरी और इलेक्ट्रिक वाहन खंडों में. हालांकि, वैश्विक आर्थिक दबाव और बढ़ती लागत जैसी अल्पकालिक चुनौतियां बनी हुई हैं, जिन्हें कंपनी अपनी रणनीतिक पहलों और परिचालन दक्षता के माध्यम से संबोधित करने का प्रयास कर रही है.