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जरुरी जानकारी | शुल्क युद्ध की चिंता के बीच रुपया 49 पैसे टूटकर 87.11 प्रति डॉलर के सर्वकालिक निचले स्तर पर

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में सोमवार को रुपया 49 पैसे लुढ़ककर 87.11 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। पहली बार रुपया 87 प्रति डॉलर से नीचे आया है।

जरुरी जानकारी | शुल्क युद्ध की चिंता के बीच रुपया 49 पैसे टूटकर 87.11 प्रति डॉलर के सर्वकालिक निचले स्तर पर

मुंबई, तीन फरवरी अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में सोमवार को रुपया 49 पैसे लुढ़ककर 87.11 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। पहली बार रुपया 87 प्रति डॉलर से नीचे आया है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कनाडा, मेक्सिको और चीन पर शुल्क लगाने संबंधी आदेश पर हस्ताक्षर करने के बाद व्यापक व्यापार युद्ध की आशंका के बीच डॉलर मजबूत होने के कारण रुपये में इतनी भारी गिरावट आई।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि अमेरिकी डॉलर सूचकांक के 109 के स्तर से ऊपर जाने और कमजोर वैश्विक बाजारों के कारण भारतीय रुपया 87.11 प्रति डॉलर के नए सर्वकालिक निचले स्तर पर आ गया।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि अमेरिकी डॉलर सूचकांक के 109 के स्तर के उपर पहुंचने और डोनाल्ड ट्रंप के कनाडा व मेक्सिको पर 25 प्रतिशत तथा चीन पर 10 प्रतिशत शुल्क लगाने से व्यापक व्यापार युद्ध की आशंकाओं के कारण कमजोर वैश्विक बाजारों से भारतीय रुपया दिन के कारोबार में 87.29 प्रति डॉलर के अपने सर्वकालिक निचले स्तर को छू गया।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 87 प्रति डॉलर पर कमजोर रुख के साथ खुला और सत्र के दौरान अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 87.29 प्रति डॉलर के निचले स्तर को छू गया था।

अंत में रुपया 87.11 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से 49 पैसे की गिरावट है।

रुपया शुक्रवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 86.62 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘ हमें घरेलू बाजारों में कमजोर रुख के बीच मजबूत अमेरिकी डॉलर और विदेशी पूंजी की निकासी के कारण रुपये के नकारात्मक रुख के साथ कारोबार करने की आशंका है। अमेरिकी प्रशासन के शुल्क को लेकर चिंता से भी रुपये पर दबाव पड़ सकता है।’’

चौधरी ने कहा कि हालांकि, केंद्रीय बैंक के किसी भी हस्तक्षेप से रुपये को समर्थन मिल सकता है। व्यापारी, अमेरिका से आईएसएम मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई आंकड़ों से संकेत ले सकते हैं। इस सप्ताह भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति बैठक से पहले निवेशक सतर्क रह सकते हैं।’’

इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 1.01 प्रतिशत की बढ़त के साथ 109.46 पर रहा।

अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 1.41 प्रतिशत चढ़कर 76.74 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर रहा।

कारोबारियों ने कहा कि विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी तथा तेल आयातकों की सतत डॉलर मांग तथा कमजोर जोखिम क्षमता की वजह से विदेशी बाजारों में अमेरिकी मुद्रा की व्यापक मजबूती के कारण रुपये पर दबाव जारी रहा।

इस बीच, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 319.22 अंक या 0.41 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,186.74 अंक पर और एनएसई निफ्टी 121.10 अंक या 0.52 प्रतिशत फिसलकर 23,361.05 अंक पर आ गया।

शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) पूंजी बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे और उन्होंने सोमवार को शुद्ध रूप से 3,958.37 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

इस बीच, रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को बताया कि 24 जनवरी को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 5.57 अरब डॉलर बढ़कर 629.56 अरब डॉलर हो गया। इससे पिछले सप्ताह मुद्रा भंडार 623.98 अरब डॉलर था।

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(The above story first appeared on LatestLY on Feb 03, 2025 10:18 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).