झांसी (उप्र), 30 मई उत्तर प्रदेश में झांसी जिले के रेलवे यार्ड के एक खाली डिब्बे में सफाई के दौरान बुधवार को मृत पाए गए बस्ती के एक मजदूर के शव का पोस्टमार्टम कर उसका बिसरा जांच के लिए भेज दिया गया है तथा मामले की जांच की जा रही है।
हालांकि पोस्टमार्टम से मौत के कारणों का पता नही चल सका है।
मजदूर मोहन शर्मा के परिजनों द्वारा शुक्रवार देर शाम झांसी में ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। परिजनों का कहना है कि मुंबई से झांसी तक आने के बाद वह बस्ती आने के लिए निकला था और वह मधुमेह का रोगी था।
रेलवे के क्षेत्राधिकारी नईम खान मंसूरी ने बताया कि मृतक के पास 23 मई को 9:30 बजे खरीदा गया रेलवे का टिकट मिला था। उन्होंने बताया कि ऐसी संभावना है कि 11:30 बजे निकली एक गाड़ी से वह मजदूर गया हो। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी कोई स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है,परंतु शव करीब चार दिन पुराना बताया गया है।
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उन्होंने बताया कि मृतक मोहन शर्मा के साथ कोई आपराधिक घटना होने की आशंका दिखाई नहीं देती है। सही स्थिति पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। बिसरा की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।
बस्ती के हलुआ गांव निवासी मोहन शर्मा (45) नामक इस मजदूर के पास मिले 23 मई के गोरखपुर जाने वाली ट्रेन टिकट के संबंध में रेलवे प्रशासन ने बताया कि उस दिन ट्रेन गोरखपुर नहीं बल्कि बरौनी के लिए गाड़ी निकली थी जो कि 27 मई को वापस आई है। संभवतः मजदूर बरौनी वाली ट्रेन में बैठा था।
क्षेत्राधिकारी मंसूरी ने मृतक के परिजनों के हवाले से बताया कि मोहन शर्मा किसी बस द्वारा मुंबई से झांसी तक आया था।
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