देश की खबरें | प्रदर्शनकारी किसानों और केंद्र के बीच अगले दौर की बातचीत 22 फरवरी को

चंडीगढ़, 21 फरवरी प्रदर्शनकारी किसानों की विभिन्न मांगों पर चर्चा के लिए केंद्र सरकार के साथ शनिवार शाम को यहां नये दौर की वार्ता होगी।

प्रदर्शनकारी किसान फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी को लागू करने समेत विभिन्न मांग कर रहे हैं।

किसानों ने पहले मांग की थी कि अगली बैठक दिल्ली में हो, लेकिन केंद्र ने इसे चंडीगढ़ में तय किया है।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव पूर्ण चंद्र किशन ने बैठक के संबंध में किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल और सरवन सिंह पंढेर को संबोधित एक पत्र भेजा है।

संयुक्त सचिव पूर्ण चंद्र किशन ने 19 फरवरी को लिखे गए पत्र में कहा, ‘‘यह संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) के नेताओं के साथ पिछली बैठक का क्रम है, जो 14 फरवरी को चंडीगढ़ में हुई थी।’’

उन्होंने हिंदी में लिखे इस पत्र में कहा, ‘‘इसी क्रम में 22 फरवरी को चंडीगढ़ स्थित महात्मा गांधी लोक प्रशासन संस्थान में किसान संगठनों की मांगों को लेकर भारत सरकार और पंजाब सरकार के मंत्रियों के साथ बैठक आयोजित की गई है। आप बैठक में सादर आमंत्रित हैं..।’’

इससे पहले 14 फरवरी को केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी के नेतृत्व में एक केंद्रीय टीम और किसान प्रतिनिधियों के बीच यहां बैठक हुई थी, तब दोनों पक्षों ने कहा था कि बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई है।

यह बैठक आंदोलनरत किसानों की विभिन्न मांगों की पृष्ठभूमि में आयोजित की गई, जिसमें फसलों पर एमएसपी की कानूनी गारंटी भी शामिल है।

संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा के बैनर तले किसान अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पिछले साल 13 फरवरी से पंजाब और हरियाणा के बीच शंभू और खनौरी बार्डर पर डेरा डाले हुए हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)