तिरुवनंतपुरम, चार नवंबर केरल में हस्तशिल्प के कायाकल्प के लिए कोवलम गांव में वेल्लार कला और शिल्पग्राम का पहला चरण पूरा हो चुका है।
शिल्पग्राम ने राज्य के विरासत उत्पादों को दुनिया के बाजार में पेश करने के लिए कई कार्यक्रम भी शुरू किए हैं।
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पहले चरण में गांव के करीब 28 स्टूडियो में लगभग 50 शिल्प उत्पाद तैयार किए गए।
प्रत्येक स्टूडियो अपने ग्राहक को हस्तशिल्प को बनते हुए देखने और फिर खरीदने का विकल्प देता है।
हस्तशिल्प में पेंटिंग, पॉटरी, बांस के उत्पाद, गहने, गृह सज्जा का सामान, घर और दफ्तर में काम आने वाला सामान, कपड़े, मूर्तियां आदि शामिल हैं।
इनमें ओडिशा और बंगाल में सूती कपड़ों पर की जाने वाली पेंटिंग भी शामिल है।
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