ईरान युद्ध का सातवां दिन: अमेरिका–इस्राएल के हमले और भी तेज
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

तेहरान से बेरूत तक धमाकों की गूंज और अमेरिका–इस्राएल के हमलों ने ईरान युद्ध को सातवें दिन और खतरनाक बना दिया है. बढ़ते हमलों और फैलते संकट से मध्य पूर्व एक बड़े विस्फोटक मोड़ पर खड़ा है.ईरान युद्ध का सातवां दिन: अमेरिका–इस्राएल के हमले और भी तेज

भारतीय वायुसेना का सुखोई-30एमकेआई फाइटर क्रैश, दोनों पायलटों की मौत

असम के कार्बी आंगलोंग जिले में भारतीय वायुसेना का सुखोई-30एमकेआई फाइटर जेट गुरुवार शाम (5 मार्च) प्रशिक्षण मिशन के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें दो पायलटों स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरगकर की मौत हो गई. वायुसेना ने शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर दोनों अधिकारियों के निधन की पुष्टि की और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की.

विमान ने असम के जोरहाट एयरबेस से उड़ान भरी थी और शाम 7:42 बजे के आसपास उसका संपर्क कंट्रोल रूम से टूट गया. दुर्घटनाग्रस्त विमान का मलबा कार्बी आंगलोंग के जंगलों में पाया गया, जो जोरहाट से लगभग 60 किलोमीटर दूर बताया गया है. संपर्क टूटने के बाद तुरंत खोज और बचाव अभियान शुरू किया गया था. स्थानीय लोगों ने भी जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनने की पुष्टि की, जिसके बाद पुलिस और हेलिकॉप्टरों की मदद से इलाके में तलाश अभियान चलाया गया.

सुखोई-30एमकेआई दो-सीटर, मल्टीरोल और लंबी दूरी तक मार करने वाला लड़ाकू विमान है, जिसे रूस की सुखोई कंपनी ने विकसित किया है. भारतीय वायुसेना के पास ऐसे 260 से अधिक विमान हैं.

ईरान युद्ध: सातवें दिन भी अमेरिका और इस्राएल के ताबड़तोड़ हमले

अमेरिका, इस्राएल और ईरान के बीच तनाव सातवें दिन भी चरम पर है और यह संघर्ष पूरे मध्य पूर्व में तेजी से फैल रहा है. अमेरिकी सेना ने ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमले बढ़ा दिए हैं, जबकि इस्राएल ने अपने अभियान के नए चरण का संकेत दिया है. अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेग्सेथ ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में ईरान के खिलाफ अमेरिकी "फायरपावर" में भारी वृद्धि हो सकती है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका और इस्राएल मिलकर ईरान की सैन्य क्षमताओं को "पूरी तरह ध्वस्त" कर रहे हैं. ट्रंप के मुताबिक ईरान की वायुसेना और नौसेना बड़े पैमाने पर नष्ट हो चुकी हैं. इसी बीच अमेरिकी नौसेना की एक पनडुब्बी द्वारा दागे गए टारपीडो ने श्रीलंका के तट के पास एक ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया, जिसमें कम से कम 87 लोग मारे गए, जबकि 32 लोगों को बचाकर गाले के अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

रक्षा मंत्री हेग्सेथ ने हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि युद्धपोत "शांत मौत" मरा. यह हमला ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और इस्राएल क्षेत्र में अपने अभियानों को तेज कर रहे हैं और ईरान प्रतिशोधी हमलों के जरिए हमले का जवाब दे रहा है. समुद्री हमले के बाद ईरान ने चेताया है कि अमेरिका इस कार्रवाई पर "भारी कीमत" चुकाएगा, इससे संघर्ष और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.