संयुक्त राष्ट्र, आठ जुलाई अगले दो साल में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्य के रूप में भारत की प्राथमिकताओं की ‘प्रतिध्वनि’ को संयुक्त राष्ट्र की 75वीं सालगिरह के लिए तैयार हो रहे घोषणा के मसौदे में जगह मिली है। इसमें भारत द्वारा उठाये गये आतंकवाद के खिलाफ मजबूत जनमत, बहुपक्षीय मंच में सुधार और समावेशी विकास आदि मुद्दों को शामिल किया गया है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74 वें सत्र के अध्यक्ष तज्जिन मुहम्मद बांदे ने मंगलवार को कहा कि मसौदा घोषणापत्र को लेकर सदस्य देशों में सहमति बन गई है।
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वह घोषणापत्र के अंतिम मसौदे को अपने उत्तराधिकारी वोल्कन बोज़किर को सौंपेंगे ताकि वह इस साल 21 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र के 75वें स्थापना दिवस के मौके पर उच्च स्तरीय महासभा की बैठक में अंगीकार करने के लिए इसे तैयार करें।
इस घोषणापत्र में विश्व संगठन की प्राथमिकताओं को रेखांकित किया गया है और आने वाले वर्षो में दुनिया के सामने पेश होने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए वृहद कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का आह्वान किया गया है।
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गौरतलब है कि घोषणा पत्र में भारत की चिंताओं और प्राथमिकताओं की भी ‘प्रतिध्वनि’ सुनाई देगी जो वर्ष 2021-21 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्य के रूप में अपनी जिम्मेदारी संभालने की तैयारी कर रहा है।
सूत्रों ने बताया कि भारत ने बातचीत प्रक्रिया के दौरान सक्रिय भूमिका निभाई और सकारात्मक रूप से संयुक्त राष्ट्र महासभा अध्यक्ष के साथ काम किया ताकि ठोस, दूरदर्शी और एकजुट करने वाला मसौदा तैयार हो सके। भारत ने समान विचार वाले देशों के लिए सह समन्वयक की भूमिका निभाई ताकि आम सहमति सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई, बहुपक्षीय प्रणाली में सुधार, शांति और सुरक्षा के लिए सामकेतिक प्रयास, मानवीय के साथ तकनीक का प्रयोग और समावेशी विकास भारत की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अस्थायी सदस्य के दो साल के कार्यकाल की प्राथमिकता है और जिसकी प्रतिध्वनि संयुक्त राष्ट्र घोषणा पत्र में सुनाई देगी जिसे विश्व संगठन के 75वें स्थापना दिवस पर अंगीकार किया जाएगा।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि एवं राजदूत टीएस कृष्णमूर्ति ने ‘पीटीआई-’ को कहा, ‘‘ हम संयुक्त राष्ट्र के 75वें स्थापना दिवस के घोषणा पत्र को अंतिम रूप देने का स्वागत करते हैं।’’
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