नयी दिल्ली, दो जुलाई पुलिस की क्रूरता के खिलाफ कार्रवाई की मांग के बीच शहर की एक अदालत ने दिल्ली पुलिस को आदेश दिया है कि वह एक इमारत की छत से एक व्यक्ति को कथित तौर पर फेंकने के मामले में कांस्टेबल और अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करे और जांच में गड़बड़ी का प्रयास करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करे।
यह घटना 14 जून को उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी क्षेत्र की है। पीड़ित राजेश आईएसबीटी के पास एक अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में नाजुक हालत में भर्ती है।
अदालत को सौंपी गई स्थिति रिपोर्ट में पुलिस ने कहा है कि कांस्टेबल प्रवीण और सह-आरोपियों प्रतीक तथा छोटू के खिलाफ दी गई शिकायत का जांच के दौरान सत्यापन नहीं हो सकता, इसलिए प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है।
मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट प्रणव जोशी ने बुराड़ी थाने द्वारा शिकायत पर कार्रवाई के तरीके को लेकर अप्रसन्नता जतायी और कहा कि मौजूदा शिकायत ऐसी श्रेणी में नहीं आती है जहां प्रारंभिक जांच की अनुमति हो।
अदालत ने कहा, ‘‘कानून का उल्लंघन करते हुए शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों का सत्यापन करने के लिए प्रारंभिक जांच की गई। यह शिकायत संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आती है, इसलिए जांच का कोई मतलब नहीं बनता।’’
अदालत ने कहा, ‘‘शिकायत मिलते ही प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए थी। जो काम जांच के दौरान होना चाहिए थी, उसे पूछताछ के दौरान किया गया।’’
उन्होंने कहा कि ‘‘आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप बेहद गंभीर प्रवृति के हैं और इनकी स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।’’
न्यायाधीश ने बुराड़ी के थाना प्रभारी को बिना किसी देरी के तत्काल आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने को कहा। साथ ही गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी संबंधित डीसीपी को कार्रवाई करने के आदेश दिए।
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